फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Opposition to notice demolition 48 Jauhar University buildings AIMIM submits memorandum to Governor

UP: जौहर विश्वविद्यालय के 48 भवनों को गिराने के नोटिस का विरोध, AIMIM ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन; की मांग

Sat, 18 Jul 2026 01:54 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 18 Jul 2026 01:54 PM IST
सार

Varanasi News: राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में मांग की गई है कि रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी ध्वस्तीकरण नोटिस को तत्काल वापस लिया जाए तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

विज्ञापन
Opposition to notice demolition 48 Jauhar University buildings AIMIM submits memorandum to Governor
ज्ञापन देकर बाहर निकलते लोग। - फोटो : संवाद

विस्तार

Varanasi News: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के महानगर अध्यक्ष मुख्तार अहमद अंसारी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 48 भवनों को ध्वस्त किए जाने संबंधी रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) द्वारा जारी नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

विज्ञापन


मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी स्थापना सरकारी अनुदान और आम जनता के सहयोग से हुई है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में सभी धर्मों, वर्गों और समुदायों के हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तथा बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के भवनों को अवैध बताते हुए उन्हें गिराने की कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।

विज्ञापन

उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 48 भवनों को अवैध बताकर जारी किया गया नोटिस विधिसम्मत नहीं है। उनका कहना था कि जिस समय विश्वविद्यालय की स्थापना और भवनों का निर्माण हुआ, उस समय संबंधित क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद भवनों को अवैध बताकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।

मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा कि वर्ष 1973 में उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरणों की स्थापना के बाद प्रदेश में अनेक विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान बने हैं। यदि भवन निर्माण के लिए नक्शा अथवा अन्य स्वीकृतियां आवश्यक थीं तो सरकार को प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों के संबंध में समान नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के निर्माण की भी निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के किसी भवन के निर्माण में तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर कोई कमी है तो सरकार को उसे ध्वस्त करने के बजाय नियमानुसार समाधान निकालना चाहिए, क्योंकि यह शिक्षा का केंद्र है और यहां हजारों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जौहर विश्वविद्यालय को संरक्षण प्रदान किया जाए तथा वहां बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए आवश्यक सहयोग और अनुदान उपलब्ध कराया जाए।

इस दौरान मुख्तार अहमद अंसारी ने पूर्व मंत्री आजम खान के विरुद्ध चल रही विभिन्न कानूनी कार्रवाइयों का भी उल्लेख करते हुए राज्य सरकार से उनके प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना शिक्षा के उद्देश्य से की गई थी और इसे किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि आगे की रणनीति के संबंध में पूछे जाने पर मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा कि एआईएमआईएम पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी तथा प्रदेश नेतृत्व के निर्देशन में उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जनजागरण अभियान, ज्ञापन और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संविधान और कानून द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed