UP: 60 दिन तक लटकाई जांच, इंस्पेक्टर समेत 12 दरोगा निलंबित; वाराणसी में सीपी ने की तीन थानों की समीक्षा
Varanasi News: वाराणसी के पुलिस आयुक्त ने तीन थानों के कार्यों की समीक्षा बैठक के दाैरान सीपी मोहित अग्रवाल ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के 12 दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया है। सीपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप का माहाैल है।
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Varanasi Crime: कैंट, शिवपुर और लालपुर-पांडेयपुर थानों में उपनिरीक्षकों के कार्यों की समीक्षा में मिली कमियों के आधार पर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने निरीक्षक समेत 12 दरोगा को निलंबित कर दिया। पुलिसकर्मियों ने 60 दिन तक कई मामलों की विवेचना लंबित रखी। उनका प्रदर्शन खराब पाया गया। पुलिस आयुक्त ने विभागीय जांच के भी निर्देश दिए हैं।
निलंबित पुलिसकर्मियों में कैंट थाने से निरीक्षक संतोष पासवान, उपनिरीक्षक आशीष श्रीवास्तव, भैरव श्रीवास्तव, मुन्ना यादव, जमुना प्रसाद तिवारी और प्रवेश कुंतल शामिल हैं। शिवपुर थाने से उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह, कोमल यादव और आशीष कुमार सिंह, जबकि लालपुर-पांडेयपुर थाने से उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार गुप्ता, कोमल कुमार गुप्ता और विजेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है।
सीपी ने किया निरीक्षण
पुलिस आयुक्त ने बताया कि बृहस्पतिवार को अर्दली रूम में लंबित विवेचनाओं, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन, गैर-जमानती वारंट की तामील, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, बिना नंबर वाहनों की सीज कार्रवाई और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि संबंधित विवेचकों के पास 60 दिन से विवेचनाएं लंबित हैं। शिकायतों के निस्तारण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
एनबीडब्ल्यू वारंट के मामलों में गिरफ्तारी तक नहीं की गई थी। इसके अलावा बिना नंबर वाहनों और यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि प्रमुख मार्गों पर ट्रैवल टाइम में 25 प्रतिशत की कमी लाई जाए। हर चौराहे पर पुलिस बल की तैनाती, सड़कों पर खड़े वाहनों को क्रेन से हटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए।
स्पष्ट किया कि ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं की जिम्मेदारी केवल ट्रैफिक पुलिस की नहीं, बल्कि संबंधित थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज की भी है। निरीक्षण के दौरान अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज करने को कहा गया। साथ ही, यातायात पुलिस के साथ समन्वय बनाकर जाम की समस्या समाप्त करने के निर्देश दिए गए। मुकदमों में समय से सिस्टम आइडेंटिफिकेशन तैयार कर उसे पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए।