UP: तहसील में रिश्वत लेते पकड़ा गए राजस्व निरीक्षक, भूमि पैमाइश के लिए मांगे 5 हजार रुपये; कार्रवाई से हड़कंप
Ballia News: बलिया की सदर तहसील में एक राजस्व निरीक्षक को एंटी करप्शन टीम ने 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने भूमि की पैमाइश कराने के बदले रकम मांगी थी। शिकायत मिलने पर आजमगढ़ एंटी करप्शन इकाई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपी को पकड़ लिया।
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UP News: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम आजमगढ़ ने बुधवार को सदर तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक रामप्रताप राम को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी किसान से भूमि की पैमाइश कराने के बदले रिश्वत मांग रहा था।
गिरफ्तारी के बाद टीम उसे सदर कोतवाली ले गई, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी कोतवाली पहुंचकर कार्रवाई का विरोध जताने लगे।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन आजमगढ़ इकाई के निरीक्षक कमलेश पासवान ने बताया कि हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी निवासी अशोक सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सदर तहसील में कार्यरत राजस्व निरीक्षक रामप्रताप राम भूमि की पैमाइश कराने के बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायत की जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले को सही पाए जाने पर कार्रवाई की योजना बनाई। आजमगढ़ और अयोध्या की संयुक्त 14 सदस्यीय टीम ने बुधवार को सदर तहसील के प्रथम तल स्थित राजस्व निरीक्षक कक्ष संख्या-22 में जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को रसायन लगे पांच हजार रुपये दिए गए और निर्धारित योजना के अनुसार उन्हें आरोपी को रकम सौंपने के लिए भेजा गया।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने राजस्व निरीक्षक को पांच हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने छापेमारी कर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बैरिया क्षेत्र के दयाछपरा निवासी रामप्रताप राम के रूप में हुई। तलाशी के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
टीम के अनुसार आरोपी ने बचने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद गवाहों की उपस्थिति में उसके हाथों को विशेष रसायन से जांचा गया। केमिकल लगे हाथों को पानी से धुलवाकर आवश्यक साक्ष्य सुरक्षित किए गए और पूरी प्रक्रिया को विधिवत सील किया गया।
इसके बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को लेकर सदर कोतवाली पहुंची, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में पूरे दिन चर्चाओं का दौर चलता रहा और कर्मचारियों में खलबली मची रही।