शिक्षा की नई मिसाल: संस्कृत विद्यालय बना आदर्श, अंग्रेजी बोलते हैं बच्चे, एक्सपर्ट की तरह चलाते हैं कंप्यूटर
Varanasi News: वाराणसी का स्वर्वेद संस्कृत विद्यालय नजीर बना। यहां देश के विभिन्न राज्यों से आए बच्चे मुफ्त में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ये बच्चे अंग्रेजी भी बोलते हैं। साथ ही एक्सपर्ट की चरह कंप्यूटर चलाते हैं।
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आधुनिक दौर में जहां अधिकांश विद्यालय केवल परीक्षा और रोजगार केंद्रित शिक्षा पर जोर दे रहे हैं, वहीं चिरईगांव के तरया स्थित स्वर्वेद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और चरित्र निर्माण का अनूठा मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। अप्रैल 2021 से संचालित यह आवासीय विद्यालय आज देश के विभिन्न राज्यों से आए 170 विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और संस्कार का केंद्र बन चुका है। यहां 14 शिक्षक पढ़ाते हैं।
करीब सात एकड़ में फैले परिसर में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को संस्कृत, कर्मकांड, 16 संस्कार, शास्त्रों का ज्ञान, सत्संग और भारतीय संस्कृति की शिक्षा दी जाती है। इसके साथ ही हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और अन्य आधुनिक विषयों का अध्ययन भी कराया जाता है, ताकि विद्यार्थी परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित कर सकें।
विद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी, दलित और सामान्य वर्ग के बच्चों को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और गणवेश उपलब्ध कराया जाता है।
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प्रतिदिन सुबह प्रार्थना के बाद नियमित कक्षाएं संचालित होती हैं। विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए योग, प्राणायाम तथा पारंपरिक खेलों का भी नियमित अभ्यास कराया जाता है। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशालाएं और खेल मैदान जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सप्ताह में स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से शिक्षण के साथ संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज की दिव्य वाणी भी विद्यार्थियों को सुनाई जाती है, जिससे उनमें नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का भाव विकसित हो। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह चयन आधारित है।
ऑनलाइन आवेदन के बाद साक्षात्कार के माध्यम से विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षित नागरिक तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे संस्कारित और जिम्मेदार युवा तैयार करना है, जो समाज और राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
विद्यालय संस्कृत लेकिन फर्राटा अंग्रेजी बोलते हैं बच्चे
तराया में स्थित इस विद्यालय में भले ही पढ़ाई संस्कृत में होती है, लेकिन यहां के बच्चे फर्राटा अंग्रेजी बोलते हैं। कक्षा 8वीं के वेदांत समेत कक्षा 6, 7 और 8 के अन्य बच्चों ने अंग्रेजी में अपना पूरा परिचय दिया। वहीं, कक्षा 8वीं के रुद्रांश ने संस्कृत में श्लोक सुनाए। कक्षा 8वीं के ही धोनी ने अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत में परिचय देने के साथ ही श्लोक व चौपाईयां सुनाईं।
एक्सपर्ट की तरह चलाते हैं कंप्यूटर
कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्रों को कंप्यूटर का भी ज्ञान दिया जाता है। बच्चों को इतना दक्ष बना दिया गया है कि उन्हें देखने पर लगता है मानों कोई एक्सपर्ट कंप्यूटर चला रहा हो। छात्रों को पढ़ाने के लिए कंप्यूटर लैब बनाए गए हैं। इसमें 18 कंप्यूटरों पर एक साथ एक क्लास के 18 बच्चें पढ़ते हैं।
प्राचार्य बोले
विद्यालय में छात्रों को हर तरह के विषय पढ़ाए जाते हैं। प्रत्येक 15 दिन पर विशेष गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। इसमें काशी की सांस्कृतिक विरासत, गंगा आरती, भारतीय परंपराएं और महान विभूतियों के जीवन पर चर्चा होती है। छात्रों को मौजूदा माहौल के अनुसार ही शिक्षा दी जा रही है। -आचार्य शैलेंद्र द्विवेदी, प्राचार्य, स्वर्वेद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय