Sawan 2026: महादेव के होंगे पांच विशेष शृंगार, प्रवेश के लिए होंगे सात रास्ते; सावन भर कर सकेंगे लाइव दर्शन
सावन को लेकर काशी विश्वनाथ धाम में 50 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर सावन में जुटने वाली भीड़ के प्रबंधन पर चर्चा की गई।
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सावन की तैयारियों के मद्देनजर श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंगलवार को मंदिर, जिला, सीआरपीएफ और पुलिस प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था और यातायात सहित 50 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हुई। सावन भर वीआईपी-प्रोटोकॉल दर्शन बंद रहेंगे। प्रवेश और निकासी के लिए सात द्वार होंगे। बाबा के पांच विशेष शृंगार होंगे। सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा।
मंगलवार को धाम के बोर्ड रूम में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में ये फैसला लिया गया कि सावन में वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी तरह की सिफारिश व विशेष अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं से सिर्फ सामान्य कतार में ही दर्शन करने की अपील की गई है। धाम में पांच जगहों पर खोया-पाया केंद्र बनाए जाएंगे। सुरक्षा के चलते सभी बिजली के उपकरणों, सीसीटीवी का सुचारू रूप से संचालन होगा।
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धाम के बाहर गलियों में लटकते बिजली के तारों को ऊपर करने के निर्देश दिए गए हैं। ज्यादा भीड़ को देखते हुए इस बार भी सावन में निशुल्क बैगेज काउंटर बंद किए जाएंगे। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने सामान होटल या घर में ही छोड़कर आएं। प्रतिबंधित सामान जैसे पेन, मोबाइल, कैमरे, डिजिटल वॉच आदि को लेकर प्रवेश नहीं मिलेगा।
ऑनलाइन दर्शन की भी व्यवस्था
जो श्रद्धालु धाम तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए पूरे सावन भर बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन की सुविधा रहेगी। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक यूट्यूब चैनल और टाटा स्काई के माध्यमों पर दर्शन का सीधा प्रसारण किया जाएगा।
गेट नंबर चार, काशी द्वार मार्ग 4बी, नंदू फारिया प्रवेश मार्ग, सिल्को प्रवेश मार्ग, ढुंढिराज प्रवेश मार्ग, सरस्वती फाटक प्रवेश मार्ग, भैरव द्वार प्रवेश मार्ग (मंदिर घाट की तरफ से)। धाम में इन सभी द्वारों से दर्शनार्थियों के लिए प्रवेश मार्ग खुला रहेगा। यदि गंगा का जलस्तर बढ़ा तो फिर घाट से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
पैसे लेकर विशेष दर्शन कराने वालों के झांसे में न आएं
सावन में आम कतारों में दर्शन-पूजन कराए जाएंगे। विशेष दर्शन की अपील स्वीकार्य नहीं होगी। किसी प्रलोभन या बहकावे में न आएं। कोई प्रोटोकॉल अनुरोध न भेजें। किसी भी प्रकार के दलालों के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति विशेष दर्शन के नाम पर पैसा मांगता है या अपनी दुकान से प्रसाद लेने पर दर्शन में सहायता का दावा करता है तो तत्काल नजदीकी पुलिस या मंदिर कर्मी को सूचित करें।
निशुल्क गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा सेवा
बूढ़ों, दिव्यांग और अशक्त श्रद्धालुओं के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निशुल्क गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध रहेगी।
ये होंगे पांच खोया-पाया केंद्र
पांच केंद्रों पर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़े लोग सहायता प्राप्त कर सकेंगे। सुरक्षा बल के अतिरिक्त सहायता कर्मी भी तैनात रहेंगे।
- शंकराचार्य चौक
- गेट नंबर एक (गंगा निकास द्वार)
- गेट नंबर दो (सरस्वती फाटक)
- गेट नंबर चार (मुख्य प्रवेश मार्ग)
- श्री काशी विश्वनाथ मंदिर घाट
कुछ खास बातें
- खाली पेट दर्शन के लिए कतार में न लगें। भीड़ के कारण इंतजार लंबा हो सकता है।
- समय-समय पर ग्लूकोज, ओआरएस घोल, हल्का-फुल्का जलपान, बिस्किट, टॉफी, चॉकलेट, पेयजल काउंटर और गुड़ की व्यवस्था भी की जाएगी।
- धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ टीमें तैनात की जाएंगी। साथ ही मंदिर की एंबुलेंस मौजूद रहेंगी।