UP: शंकराचार्य को अतीक अहमद की तरह जान से मारने की धमकी, मोबाइल पर भेजा ऑडियो; जानें पूरा मामला
Varanasi News: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को गौ रक्षा अभियान के बीच धमकी भरे संदेश मिले हैं। टेक्स्ट और वॉइस मेल में अभद्र भाषा के साथ जान से मारने की चेतावनी दी गई। मामले से संत समाज में आक्रोश है। अधिवक्ताओं के माध्यम से जल्द शिकायत दर्ज कर विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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UP Crime: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को गौ रक्षा अभियान के बीच जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इसे लेकर संत समाज और अनुयायियों में आक्रोश का माहौल है। बताया जा रहा है कि बीते कुछ वर्षों से शंकराचार्य “गौ माता–राष्ट्रामाता” अभियान के तहत देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर सक्रिय हैं।
इसी क्रम में आगामी तीन मई से उत्तर प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में उनकी “गविष्ठी यात्रा” प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से वे लोगों को गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करने और हर विधानसभा क्षेत्र में “रामा गौ धाम” स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे। इस बीच उन्हें लगातार धमकी भरे संदेश मिलने की बात सामने आई है।
कार्रवाई की मांग
जानकारी के अनुसार, ज्योतिर्मठ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर 1 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:25 से 10:35 बजे के बीच लगातार आपत्तिजनक टेक्स्ट मैसेज भेजे गए। इसके बाद नंबर को ब्लॉक किए जाने पर 6 अप्रैल को दोपहर 1:55 और 1:57 बजे वॉइस मेल के जरिए अभद्र और धमकीपूर्ण ऑडियो संदेश भेजे गए। इन संदेशों में न सिर्फ अपशब्दों का प्रयोग किया गया है, बल्कि शंकराचार्य को जान से मारने की खुली धमकी भी दी गई है। संदेशों में उनकी यात्रा के दौरान हमले की बात कही गई है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
शंकराचार्य के अनुयायियों का आरोप है कि गौ रक्षा जैसे धार्मिक और सामाजिक मुद्दे पर आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इस तरह की धमकियां सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती हैं।
वहीं, इस पूरे मामले में अब विधिक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। शंकराचार्य के अधिवक्ताओं द्वारा जल्द ही संबंधित धाराओं में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। संत समाज ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।