संकट मोचन संगीत समारोह की दूसरी निशा की पांचवीं प्रस्तुति लेकर संकट मोचन के मंच पर आए बनारस घराने और पं. किशन महाराज के पौत्र पं. शुभ महाराज ने 500 साल प्राचीन बंदिश बजाई। 250 साल पुरानी गत दुगुन में बजाकर गुरु पं. समता प्रसाद की थाती को याद किया। पंजाबी गत बजाते वक्त कहा कि पं. शारदा सहाय कहते थे कि 10 लाख बार घर पर बजाओ तब एक बार मंच पर पंजाबी गत बजता है। धा-धा धिन... से शुरू किया तो तबले पर पड़ने वाली उनकी थाप इतनी तेज थी कि मंदिर में कभी ढोल तो कभी पखावज की आवाज गूंज रही थी।
संकट मोचन संगीत समारोह: किशन महाराज के पौत्र ने तबले पर बजाई 500 साल पुरानी शैली, गूंजी तालियों की गड़गड़ाहट
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Thu, 09 Apr 2026 10:47 AM IST
सार
Varanasi News: किशन महाराज के पौत्र ने तबले पर 500 साल पुरानी शैली बजाई। पं. शुभ महाराज ने बताया कि 10 लाख बार घर पर बजाते हैं तो एक बार मंच पर पंजाबी गत बजता है।
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