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UP: 'तुम्हें अपना बेटा सही सलामत चाहिए तो 30 लाख ले आओ', किशोर का कत्ल कर पशुबाड़े में दफनाई लाश; मांगी फिरौती

अमर उजाला नेटवर्क, जालौन Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 09 Apr 2026 10:43 AM IST
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सार

यूपी के जालौन जिले के उरई में 15 दिन से लापता किशोर का शव बोरे में बंद पशुबाड़े में दफन मिला। पुलिस ने हत्या के आरोप में दो दोस्त रोहित याज्ञिक और तेज प्रताप सिंह को हिरासत में लिया है। 

Teenager Murdered and Buried and 30 Lakh Ransom Demanded in jalaun
jalaun murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में छोटे भाई से कुकर्म की बात पता चलने पर आरोपियों के घर उलाहना देने गए 17 साल के किशोर की हत्या कर शव पशुबाड़े में दफना दिया गया। आरोपियों ने वारदात के दूसरे दिन किशोर की मां के मोबाइल पर मैसेज कर 30 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी। 
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25 मार्च की यह घटना माधवगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। पुलिस ने बुधवार को घटना का खुलासा कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर पशुबाड़े से किशोर का कंकाल भी बरामद कर लिया।
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थाना इलाके के एक गांव निवासी किशोर ने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी थी। किशोर के पिता के मुताबिक, पांच माह पहले उनके छोटे बेटे के साथ रोहित याज्ञिक, भूरे, तेज प्रताप उर्फ तेजा, विक्रम सिंह, सुनील सिंह ने अनैतिक कार्य किया था। यह बात बड़े बेटे से छुपाए रहे। 
 

30 लाख की फिरौती का मैसेज आया
25 मार्च को पता चलने पर वह आरोपियों के घर उलाहना देने गया था। देर तक घर न लौटने पर वे थाने गए तो पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर शांत बैठ गई। अगले दिन मां के मोबाइल पर 30 लाख की फिरौती का मैसेज आया था। परिजन ने फिरौती के मैसेज की जानकारी पुलिस को दी थी। 

 

पिता का आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इस पर उन्होंने 1076 पर शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस सक्रिय हुई। जिस फोन से मैसेज आया था उसे सर्विलांस पर लगाया गया तो घटना खुल गई।

 

सुराग मिलने पर पुलिस ने आरोपी रोहित और तेज प्रताप को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों के मुताबिक, उन्होंने 25 मार्च को ही सिर पर कांच की बोतल मारकर किशोर की हत्या कर दी थी, और शव को रोहित के पशुबाड़े में दफना दिया था। बुधवार को पुलिस ने पशुबाड़े में खोदाई कर कंकाल बरामद किया।

पिता बोला- दरोगा मांगता रहा रुपये, बेटे की हो गई हत्या
माधौगढ़ कोतवाली इलाके के एक गांव के किशोर की हत्या के मामले में पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिता का आरोप है कि कोतवाली का एक दरोगा बेटे को तलाश करने के नाम पर पैसे की मांग करता रहा। पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती तो आज उनका बेटा जिंदा होता। 

 

किशोर का कंकाल बरामद होने पर गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने काफी हंगामा भी किया। पुलिस बामुश्किल लोगों को शांत कर सकी। पिता का आरोप है कि वह बेटे की तलाश में प्रतिदिन कोतवाली के चक्कर लगाता रहा, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। 

 

पिता के मुताबिक 25 मार्च को देर तक घर न लौटने पर उसकी काफी तलाश की। दूसरे दिन पुलिस के पास गए। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की और परिजनों को खुद तलाश करने की नसीहत देकर शांत होकर बैठ गई। 1076 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस सक्रिय हुई, तब तक उसके बेटे की हत्या हो चुकी थी।

 

पुलिस की जांच के दौरान सामने आया था कि घटना वाले दिन गांव के ही दो युवकों से किशोर की बातचीत हुई थी, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो राज खुल गया।

 

आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने सिर पर कांच की बोतल से हमला कर किशोर की हत्या की और शव को बोरी में भरकर दफना दिया। वे किशोर के मोबाइल से ही उसकी मां के मोबाइल पर मैसेज कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे।

बेटे को जिंदा देखना चाहते हो तो 30 लाख रुपये दे जाओ
26 मार्च को किशोर के मोबाइल नंबर से उसकी मां के मोबाइल पर मैसेज आया था कि अगर तुम्हें अपना बेटा सही सलामत चाहिए तो 30 लाख रुपये लेकर बताई गई जगह पर पहुंच जाओ। साथ ही अपहरण करने वालों ने चेतावनी दी कि किसी को भी मैसेज दिखाया या पुलिस में शिकायत की गलती की तो अंजाम बेहद खतरनाक होगा। छोटे बेटे का भी अपहरण कर लेंगे।

 

पिता ने बताया कि वे खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। इसके बाद भी मां अपने बेटे की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर फिरौती की रकम जुटाने में लगी थी।

बुधवार को शव बरामद होने के बाद परिजन और गांववालों का गुस्सा भड़क उठा। इस दौरान एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, तब जाकर परिजन शांत हुए। 

इस दौरान पिता चिल्ला-चिल्लाकर कहता रहा कि कोतवाली पुलिस चाहती तो मेरे बेटे की जान बच सकती थी। उनका आरोप है कि हल्का इंचार्ज रामऔतार गांव आते रहे लेकिन मदद के बजाय पैसे की मांग करते रहे।

उन्होंने दरोगा से बोला था कि पहले बेटे को ढूंढ लीजिए, इसके बाद वह इनाम भी देंगे। इधर, उपनिरीक्षक रामऔतार का कहना है कि उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

 

मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। गंभीरता से मामले की जांच चल रही है, जांच में अगर पुलिस की लापरवाही सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- प्रदीप कुमार वर्मा, एएसपी।

 

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हर बिंदु पर जांच पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।- प्रदीप कुमार वर्मा, एएसपी।
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