Sawan: पहले सोमवार के लिए तैयार हुए शिवालय, यादव बंधु करेंगे 9 शिवालयों में जलाभिषेक; सजे-संवरे शिवधाम
Varanasi News: सावन के पहले सोमवार को लेकर वाराणसी में तैयारियां पूरी हो गई हैं। प्रमुख शिवालयों के बाहर बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था और सजावट का कार्य पूरा कर लिया गया है। कांवड़ियों के जत्थे शहर पहुंचने लगे हैं। वहीं, यादव बंधु नौ प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
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सावन शुरू होते ही देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजने लगे हैं। सावन के पहले सोमवार को लेकर बाबा के दर्शन-पूजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
शिवभक्त श्रीकाशी विश्वनाथ, मार्कंडेय महादेव समेत प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन करेंगे। इसके लिए प्रमुख शिवालयों के बाहर बैरिकेडिंग के साथ अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई हैं। रविवार से विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो जाएंगी। वहीं, यादव बंधुओं की जलाभिषेक यात्रा की भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 40 हजार से अधिक यादव बंधु 17 किलोमीटर की यात्रा कर बाबा विश्वनाथ समेत सात शिवालयों और दो देवालयों में जलाभिषेक व दर्शन-पूजन करेंगे।
शनिवार से ही कांवड़ियों के जत्थे शहर पहुंचने लगे। उन्होंने विभिन्न शिवालयों में दर्शन-पूजन भी किया। चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के बैनर तले यादव बंधु परंपरानुसार 94वें वर्ष सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक यात्रा निकालेंगे।
समिति के अध्यक्ष लालजी चंद्रवंशी ने बताया कि श्रद्धालु मणिकर्णिका घाट से जल लेकर पश्चिमी द्वार (सिंहद्वार) से प्रवेश करते हुए ढुंढ़ीराज गेट के रास्ते श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे, जहां जलाभिषेक के बाद मंदिर के चार नंबर गेट से बाहर निकलेंगे। मंदिर प्रशासन ने 21 लोगों को गर्भगृह में जलाभिषेक की अनुमति दी है।
उन्होंने बताया कि जलाभिषेक कलश यात्रा की शुरुआत सुबह 7:30 बजे केदार घाट से होगी। श्रद्धालु पहले गौरी-केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद तिलभांडेश्वर महादेव में जलाभिषेक कर शीतला घाट पहुंचेंगे, जहां जल भरने के बाद माता शीतला और मान मंदिर घाट स्थित अहिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे।
इसके बाद श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर महामृत्युंजय महादेव, त्रिलोचन महादेव और ओंकारेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन करेंगे। अंत में लाटभैरव बाबा का जलाभिषेक कर यात्रा का समापन होगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और बिजली के खंभों पर लटके तारों को व्यवस्थित कराने सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई हैं।
गुड़िया बॉर्डर पर पहुंचे सीपी, कांवड़ियों से किया संवाद
वाराणसी। सावन और कांवड़ यात्रा का पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार शाम निरीक्षण किया। मिर्जामुराद के गुड़िया सीमा (कछवां रोड) से लहरतारा तक के क्षेत्रों का जायजा लिया। कांवड़ यात्रियों से संवाद कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विश्राम स्थलों, अस्थायी पुलिस सहायता केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं को देखा। यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। कहा कि प्रयागराज से मोहनसराय तक कांवड़ियों के लिए एक लेन पूरी तरह आरक्षित रहेगी। इस लेन में किसी अन्य वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मार्कंडेय महादेव में दर्शन व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
चौबेपुर। मार्कंडेय महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार से श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए शनिवार को वरुणा जोन के पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुमार और अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) लिपि नगायच ने मातहतों के साथ कैथी स्थित गंगा-गोमती संगम, गंगा घाट और मार्कंडेय महादेव मंदिर परिसर का पैदल निरीक्षण किया।
कांवड़ियों ने जगाई शिवभक्ति की अलख
चितरंजन पार्क, लक्सा, महमूरगंज, मंडुवाडीह, मैदागिन आदि क्षेत्रों में शिविर लगाए गए हैं। वहीं, श्रद्धालुओं ने घाटों पर स्नान कर श्रीकाशी विश्वनाथ समेत अन्य शिवालयों में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन किया। इस यात्रा की शुरुआत स्व. भोला सरदार और स्व. चुनी सरदार ने की थी।