UP News: पुराने सिक्के के नाम पर पांच लाख की ठगी, एसटीएफ ने तीन को पकड़ा; आरोपियों के पास जीवों के अंग भी मिले
Varanasi News: पुराने सिक्के बेचकर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की ठगी करने और पीड़ित को वन्यजीव तस्करी के मामले में फंसाने की साजिश रचने वाले तीन आरोपियों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से वन्यजीवों के अंग भी बरामद हुए हैं। मामले की जांच जारी है।
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Varanasi News: प्रतिबंधित वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के नाम पर लोगों को फंसाकर ठगी करने वाले गिरोह का एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के प्रभात चतुर्वेदी निवासी सहडोल (मध्य प्रदेश), गिरधारी मौर्या निवासी कैंपियरगंज गोरखपुर और संजीव कुमार सिंह निवासी मुंडेरवा बस्ती को सारनाथ थाना क्षेत्र के फरीदपुर के स्वास्तिक होम स्टे से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से मॉनिटर लिजर्ड के 14 अंग, टाइगर के दो नाखून, 1.58 लाख रुपये, वन अधिकारी के दो फर्जी पहचान पत्र और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
एसटीएफ के अनुसार, गिरोह का मकसद पहले पुराने सिक्कों के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठना और बाद में उन्हें वन्यजीव तस्करी के मामले में फंसाने की साजिश करना था। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) से सूचना मिली थी कि प्रभात चतुर्वेदी वाराणसी में मॉनिटर लिजर्ड के अंग और टाइगर के नाखून की अवैध खरीद-फरोख्त की सूचना दे रहा है और कथित तस्करों को पकड़वाने का दावा कर रहा है। ऐसे में निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ जांच शुरू की।
फरीदपुर अंडरपास के पास प्रभात मिला। उसकी सूचना पर होम स्टे के कमरे से वन्यजीवों के अंग बरामद किए गए। पूछताछ में मामला संदिग्ध मिलने पर जांच की गई तो गिरोह की पूरी कहानी सामने आ गई। एसटीएफ के मुताबिक, प्रभात, गिरधारी और संजीव के अलावा गाजीपुर निवासी दीनानाथ यादव और बिहार निवासी दीपक और संतोष भी गिरोह में शामिल हैं।
गिरोह पहले नकली पुराने सिक्के तैयार करता था। इसके बाद ऐसे लोगों को तलाशता था, जिन्हें यह झांसा दिया जा सके कि पुराने सिक्के खरीदने पर उनका पैसा तुरंत दोगुना हो जाएगा। चोलापुर क्षेत्र के मोहनदासपुर निवासी नीरज कुमार मौर्या को भी जाल में फंसाया गया।
नीरज अपने परिचित अभिषेक दूबे से पांच लाख रुपये लेकर गिरोह के सदस्यों के पास पहुंचा। आरोप है कि दीनानाथ और दीपक रुपये लेकर भाग निकला। इसके बाद गिरोह ने पूर्व नियोजित तरीके से एसटीएफ और वन विभाग को सूचना देकर मौके पर छापा डलवा दिया, ताकि नीरज को वन्यजीव तस्करी के मामले में फंसाया जा सके।
मामला संदिग्ध लगने पर टीम ने पूछताछ की तो षड्यंत्र का खुलासा हुआ। प्रभात की निशानदेही पर उसके हिस्से के 1.58 लाख रुपये बरामद किए गए। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।