वाराणसी में एसओजी-2 भंग: अब पुलिसलाइन से अटैच, निरीक्षक और उपनिरीक्षक लाइन हाजिर; मिले ये निर्देश
Varanasi Crime: पुलिस आयुक्त ने क्राइम समीक्षा बैठक में लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए एसओजी-2 को भंग कर दिया और कई थाना प्रभारियों का तबादला किया। मिर्जामुराद थाना प्रभारी व रोडवेज चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया। बैठक में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध पर कार्रवाई और नए आरक्षियों के प्रशिक्षण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए।
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Varanasi News: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने क्राइम समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कई बड़े फैसले लिए। कार्य में लापरवाही मिलने पर एसओजी-2 टीम को भंग कर नई टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। वहीं मिर्जामुराद थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय और रोडवेज चौकी प्रभारी गौरव सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही कैंट, सिगरा, रामनगर और मिर्जामुराद थानों में फेरबदल किया गया।
कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा को सिगरा थाना प्रभारी बनाया गया, जबकि सिगरा थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा को रामनगर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। रामनगर थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय को कैंट थाने का प्रभारी बनाया गया। मिर्जामुराद थाने पर साइबर थाने से गोपाल जी कुशवाहा की तैनाती की गई। पुलिस आयुक्त के पीआरओ रहे विकास सिंह को रोडवेज चौकी प्रभारी बनाया गया।
पुलिस विभाग को निर्देश
बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि वही अधिकारी थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे, जो उत्कृष्ट प्रदर्शन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण में बेहतर कार्य करेंगे। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि नए भर्ती आरक्षियों को प्रतिदिन छह घंटे इनडोर और छह घंटे आउटडोर प्रशिक्षण देकर बीट ड्यूटी, जनसंपर्क और थाना स्तर के कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए।
यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आरटीसी योजना के तहत दस प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखने, ट्रैफिक मार्शलों के समन्वय और तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट तथा रांग साइड चलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर शून्य करने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
इसके अलावा महिला अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने, गोतस्करी, चोरी, एनडीपीएस और साइबर अपराधियों पर गैंगस्टर व गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने, आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों से नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।