UP: बीएचयू में बनाया जाएगा प्रदेश का पहला ऑल वेदर स्वीमिंग पूल, शुरू हुआ डीपीआर; खेलो को मिलेगा और बढ़ावा
Sports News: वाराणसी जिले में तीन स्वीमिंग पूल संचालित हैं। विभाग की ओर से सिगरा स्टेडियम, बरेका, और बीएचयू में स्वीमिंग पूल का संचालन किया जाता है। प्रत्येक स्वीमिंग पूल में कम से कम दो कोच और चार लाइफसेवर होने चाहिए।
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UP News: खेलो इंडिया स्कीम के तहत प्रदेश का पहला ऑल वेदर स्वीमिंग पूल काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में बनेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खेलो इंडिया के अधिकारियों और विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पुराने स्वीमिंग पूल के समीप ही स्थान चयन के लिए सर्वेक्षण कराया है।
विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद बीएचयू के महासचिव प्रो. एके नेमा ने बताया कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए इसका निर्माण कराया जाएगा। इसका निर्माण ओलंपिक मानकों के आधार पर किया जाएगा। इसकी डीपीआर (डिज़ाइन एंड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ऑल वेदर स्वीमिंग पूल बन जाने के बाद यहां के खिलाड़ियों को वर्ष के बारहों महीनों प्रशिक्षण मिल सकेगा। वर्तमान में ऑल वेदर स्वीमिंग पूल न होने की वजह से खिलाड़ी वर्ष भर प्रशिक्षण नहीं कर पाते हैं। उन्हें केवल मार्च से अगस्त तक प्रशिक्षण मिल पाता है और बारिश होने पर स्वीमिंग पूल स्वास्थ्य कारणों से बंद हो जाते हैं।
सिगरा में इंडोर स्वीमिंग पूल, लेकिन ऑल वेदर नहीं सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में इंडोर स्वीमिंग पूल का निर्माण कराया गया है। इस पूल को ऑल वेदर बनाया जा सकता है, लेकिन फिलहाल यह सामान्य ओपन पूल की तरह ही संचालित हो रहा है। इसमें ऑल वेदर पुल बनाने की पूरी संभावना है। इसका निर्माण स्मार्ट सिटी ने कराया है, फिलहाल इसका संचालन खेल विभाग कर रहा है। इसका अधिग्रहण अभी नहीं हुआ है।
ये होता है ऑल वेदर स्वीमिंग पूल
पूर्व राष्ट्रीय तैराकी खिलाड़ी रीना चौरसिया ने बताया कि ऑल-वेदर स्वीमिंग पूल का पानी नियंत्रित तापमान पर रखा जा सकता है। इस पूल में सर्दियों, मानसून और गर्मियों में आसानी से तैराकी की जा सकती है। इसमें ठंड के मौसम में भी तैराकी करने में सुविधा होती है। यह पूल इंडोर हॉल की तरह ऊपर से कवर होता है, इसलिए इसमें बाहरी मौसमी तापमान का असर नहीं पड़ता। पानी फिल्टर और गर्म होकर पूल में आता है। पानी को साफ रखने के लिए फिल्ट्रेशन सिस्टम का प्रयोग किया जाता है।
