Varanasi News: लंका से गोदौलिया तक बीमार बना रहा स्ट्रीट फूड, 2000 वेंडर्स नहीं पहन रहे ग्लव्स और हेड कैप
Varanasi News: वाराणसी में सैर-सपाटा के लिए आने वाले पर्यटकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्ट्रीट फूड वेंडर्स उन्हें मनमानेपन से खान-पान करा रहे हैं। बिना ग्लव्स पहने पकवान भी बनाने के साथ-साथ अन्य काम भी कर रहे हैं। जबकि इन्हें हाइजीन किट बांटी गई थी।
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वाराणसी जिले में विभिन्न स्थानों पर स्ट्रीट फूड वेंडर्स खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। न तो ये वेंडर ग्लव्स पहन रहे हैं न ही हेड कैप और एप्रिन का इस्तेमाल कर रहे हैं। रविवार को हुई पड़ताल में इसकी जानकारी सामने आई। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 2000 से ज्यादा फूड वेंडर्स हैं।
इनमें 30 फीसदी ने अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों जैसे कैंट, गोदौलिया, मैदागिन, सारनाथ, लंका में दुकानें लगाई हैं। पड़ताल में सामने आया है कि इनमें तकरीबन 90 फीसदी स्ट्रीट फूड वेंडर्स खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं।
विभाग का दावा है कि कुछ दिनों पहले अभियान चलाकर 1500 से ज्यादा वेंडर्स को हाइजीन किट बांटी गई थी। इस किट में एप्रिन, ग्लव्स (दस्ताने), हेड कैप और सैनिटाइजर शामिल थे।
इसके बावजूद वेंडर्स इन किट के प्रयोग के बिना वस्तु बेच रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनीष यादव बताते हैं कि स्ट्रीट फूड बनाने में की जा रही लापरवाही से लोग बीमार पड़ रहे हैं।
स्ट्रीट फूड वेंडर्स को बार-बार प्रशिक्षित किया गया है कि वे खुले में खाना न बेचें और किट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। इसके खिलाफ जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिन वेंडर्स के पास हाइजीन किट नहीं मिलेगी या जो बिना सिर ढके और दस्ताने पहने भोजन बेचते पाए जाएंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनके लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निरस्त किए जाएंगे। - कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त, खाद्य विभाग 2
