UP: पीए चंद्रनाथ हत्याकांड में बलिया का एक और 'राज' अरेस्ट, CBI एक दिन पहले घर से ले गई थी फोटो; कल होगी पेशी
Ballia News: सीबीआई अधिकारियों ने आरोपी से काफी देर तक पूछताछ की। एजेंसी अब हत्या की साजिश, हमलावरों के नेटवर्क और घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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UP News: बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या में बलिया एक और 'राज' की गिरफ्तारी से जिले में हड़कंप मचा हुआ है। रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के रत्तोपुर निवासी राजकुमार सिंह उर्फ राज को हरिद्वार से लौटते समय मुजफ्परनगर के टोल के पास से सीबीआई ने गिरफ्तार किया।
परिजनों के अनुसार, सीबीआई के एक अधिकारी ने उन्हें फोन कर गिरफ्तारी की जानकारी दी। इसे मंगलवार को कोर्ट में पेश करने की बात कही है। एक दिन पहले रविवार को भी सादे कपड़ों में जांच अधिकारियों की टीम राजकुमार सिंह के घर पहुंची थी। पिता त्रिभुवन नारायण सिंह से आवश्यक पूछताछ के बाद उनके मोबाइल की भी जांच की थी। अपने साथ राज कुमार सिंह का फोटो भी ली गई थी।
सीबीआई के हत्थे इस दूसरे राज की चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के किस प्रकार का जुड़ाव है, ये तो अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन जिले से एक और गिरफ्तारी ने यहां के माहौल के गरमा दिया है। इससे पहले 10 मई को बलिया के आनंद नगर में रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से पकड़ा गया था। सीबीआई उससे पूछताछ के लिए जनपद भी पहुंची थी।
रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के रत्तोपुर निवासी राजकुमार सिंह उर्फ राज के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि राज बीए प्रथम वर्ष तक पढ़ा है। आपराधिक गतिविधि के बारे में पूछने पर बताया कि गांव के एक मामले में उसके ऊपर रसड़ा कोतवाली में वर्ष 2022 में गांव में ही मारपीट के मामले में एससी-एसटी एक्ट का एफआईआर दर्ज है।
बंगाल चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद 6 मई को 42 साल के चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार रुकवाकर कई राउंड फायरिंग की थी। चंद्रनाथ रथ को सीने और पेट में 3 गोलियां लगी थीं। मामला गंभीर होने की वजह से मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
ये पूछने पर कि छह-सात मई को राजकुमार सिंह कहां था पिता ने कहा कि इसके जानकारी उन्हें भी नहीं है। अभी 10, 11 या 12 मई को कहीं बाहर गया था। इसकी जानकारी अपनी मां को दी थी। रविवार को सिविल ड्रेस में दो वाहनों से कुछ लोग जांच के लिए उनके घर आए थे। उनके मोबाइल की जांच की। उसकी फोटो भी साथ ले गए। उसके बारे में पूछताछ कर रहे थे।
पूछने पर बताया कि राज उनसे थोड़ा कटकर रहता था। कुछ दिन पहले फोन कर किसी पीसीसी रिजेक्ट होने की बात फोन पर कही थी। उसके बाद हाईकोर्ट डायरेक्शन लाने की बात कह रहा था। रविवार को जांच टीम आने के बाद उन्हें इस मामले की जानकारी हुई। ये भी बताया कि प. बंगाल में उनकी कोई रिश्तेदारी नहीं है।
राज वहां गया था कि नहीं, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। राजकुमार सिंह के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह अयोध्या राम मंदिर निर्माण में इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे। अभी मार्च महीने से घर पर ही थे। ग्रामीणों का भी कहना है कि राज यहां खेती आदि का कार्य करता था। हालांकि उसके फेसबुक प्रोफाइल पहले गिरफ्तार राज सिंह की ही तरह भोजपुरी सिंगर पवन सिंह के साथ उसकी फोटो है।
11 मई को हुई थी राज सिंह की गिरफ्तारी
बलिया। इसी मामले में शहर के आनंद नगर निवासी 25 वर्षीय राज सिंह को पश्चिम बंगाल पुलिस ने 11 मई को अयोध्या से गिरफ्तार किया था। राज सिंह हाई-प्रोफाइल और लग्जरी जीवनशैली जी रहा था, उसके लिए आखिर पैसा कहा से आता था, इसकी जांच कर रही थी। राज की मां जामवंती देवी डाकघर रसड़ा में कार्यरत हैं। पिता स्व, केशव सिंह शिक्षक थे। राज तीन लग्जरी वाहनों से चलता था और उसके आसपास बंदूक लेकर निजी सुरक्षाकर्मी व सहयोगी चलते थे।
राज चिलकहर ब्लाक प्रमुख की तैयारी कर रहा था। पिछले बृहस्पतिवार और शुक्रवार को को गिरफ्तार राज सिंह के परिजनों से सीबीआई टीम ने पूछताछ की थी। सीबीआई टीम राज से जुड़ी क्राइम हिस्ट्री, अलग-अलग बैंकों में खाता की डिटेल, राजनैतिक संबंध सहित अन्य जानकारी जुटाया था। राज सिंह के भाई ऋषिवंत सिंह, मां जामंवती सिंह सहित 10 लोगों से अलग-अलग पूछताछ की थी।