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Gyanvapi ASI Survey: डॉ आलोक त्रिपाठी के हाथों में है सर्वे की जिम्मेदारी, जानिए- कौन हैं और कैसे बने एडीजी?
Fri, 04 Aug 2023 12:36 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Fri, 04 Aug 2023 12:36 PM IST
सार
परिसर में सर्वे का काम एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. आलोक त्रिपाठी की टीम कर रही है। सर्वे में एएसआई की 64 सदस्यीय टीम के 34 लोग काम कर रहे हैं, जिसकी कमान डॉ. आलोक त्रिपाठी के हाथों में है।
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सर्वे के लिए पहुंची एएसआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
काशी विश्वनाथ धाम में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में भारतीय पुरातत्व का सर्वेक्षण चल रहा है। सुबह से ही ज्ञानवापी परिसर के सर्वे को लेकर गहमा गहमी बनी हुई है। एएसआई ने सुबह करीब आठ बजे से सर्वे शुरु किया। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए सुबह से ही पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन समेत प्रशासन के अधिकारियों की गाड़ियां विश्वनाथ मंदिर की ओर दौड़ रही थीं।
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परिसर में सर्वे का काम एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. आलोक त्रिपाठी की टीम कर रही है। सर्वे में एएसआई की 64 सदस्यीय टीम के 34 लोग काम कर रहे हैं, जिसकी कमान डॉ. आलोक त्रिपाठी के हाथों में है।
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यह भी पढ़ें- चार ब्लॉक में बांटा गया ज्ञानवापी परिसर: सुबह से ही दौड़ती रही अधिकारियों की गाड़ियां, SC की सुनवाई का इंतजार
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कौन हैं डॉ. आलोक त्रिपाठी
डॉ. आलोक त्रिपाठी अंडरवाटर पुरातत्व विंग के उत्खनन और सर्वेक्षण के विशेषज्ञ हैं। एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक के पद से पहले वो अंडरवाटर पुरातत्व विंग के चीफ भी रह चुके हैं। डॉ. आलोक त्रिपाठी असम यूनिवर्सिटी सिलचर में प्रोफेसर भी रह चुके हैं, वहां वो इतिहास विभाग के प्रोफेसर थे। उसके बाद उन्हें तीन साल के लिए एएसआई का अतिरिक्त महानिदेशक नियुक्त किया गया।
डॉ. आलोक त्रिपाठी ने लक्षद्वीप के बंगाराम आइलैंड के समुद्र में प्रिसेंस रॉयल जहाज के अवशेष ढूंढने में कीर्तिमान हासिल किया है। इन सबके अलावा उन्होंने प्राचीन गुफाओं के रास्ते होने वाले व्यवसाय के बारे में भी जानकारी हासिल की है।