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UP: डिजिटल गिरफ्तारी के नाम 84 करोड़ का लगाया था चूना, तीन आरोपियों को किया अरेस्ट; 20 राज्यों से 73 शिकायतें

Thu, 16 Jul 2026 04:59 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 16 Jul 2026 04:59 PM IST
सार

Azamgarh News: आजमगढ़ पुलिस ने डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर 84 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में गिरोह के खिलाफ 20 राज्यों से 73 शिकायतें मिली हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

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Three accused arrested swindling 84 crore digital arrest scam 73 complaints received from 20 states
आरोपी की जानकारी देते एसपी ग्रामीण चिराग जैन। - फोटो : संवाद

विस्तार

Cyber Crime: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लगभग 84 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा किया है। ऑनलाइन व्यापार और डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3860 रुपये नकद बरामद किए हैं। 

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एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त एक एक्सिस बैंक खाते की तकनीकी जांच की गई। इस खाते से लगभग 20 राज्यों से 73 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों में ऑनलाइन व्यापार और डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर साइबर धोखाधड़ी की गई थी। जांच में पाया गया कि इस खाते में विभिन्न साइबर अपराधों से संबंधित भारी मात्रा में पैसों का लेनदेन हुआ था। 
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दर्ज शिकायतों के अवलोकन से कुल 83 करोड़ 94 लाख 17 हजार 664 रुपये की साइबर धोखाधड़ी का पता चला। यह खाता निहासा मैनपावर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म का था। फर्म के दो निदेशक आनंद राव और सुनील का नाम सामने आया।

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धोखाधड़ी का तरीका
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभियुक्तों का निहासा मैनपावर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म का एक संयुक्त खाता था। प्रशांत सिंह उर्फ लकी ने आनंद राव और सुनील से कमीशन पर खाते उपलब्ध कराने को कहा। आनंद राव और सुनील ने अपनी फर्म का खाता प्रशांत सिंह को दे दिया। प्रशांत सिंह ने इस खाते का विवरण अपने सहयोगी मोनू सिंह को दिया। खाते में भारी मात्रा में लेनदेन हुआ, जिसका कमीशन पहले से तय प्रतिशत पर सभी को प्राप्त हुआ। इस खाते में 14 नवंबर 2025 से 18 नवंबर 2025 तक की अवधि में कुल 4 करोड़ 85 लाख 21 हजार 110 रुपये का लेनदेन हुआ था।

गिरफ्तारी और बरामदगी

एसपी ग्रामीण उपनिरीक्षक रजत सिंह की रिपोर्ट के आधार पर साइबर क्राइम थाने में आनंद राव और सुनील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचना के दौरान प्रशांत सिंह उर्फ लकी का नाम भी सामने आया। विस्तृत पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों आनंद राव, सुनील और प्रशांत सिंह उर्फ लकी को बुधवार को हिरासत में लिया गया। उनके पास से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3860 रुपये नकद बरामद हुए। इस कार्रवाई में थाना साइबर क्राइम की टीम शामिल थी।

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