UP: मोबाइल चोरी कर यूपीआई से खाता खाली करने वाले दो शातिर अरेस्ट, नौ मोबाइल मिले; दोनों पर 19 मामले दर्ज
Varanasi News: पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि यदि किसी खाते में अधिक रकम होती थी तो वे सिम को दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कर लेते थे और कई दिनों तक धीरे-धीरे रकम निकालते रहते थे, ताकि शक न हो। वारदात के बाद मोबाइल को बेच दिया जाता था।
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Varanasi Crime: मोबाइल चोरी कर यूपीआई के जरिए लोगों के बैंक खातों से रुपये उड़ाने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आशीष पाल (26) निवासी सरैया जयरामपुर, चौबेपुर और विनोद यादव (40) निवासी भजईपुर खमरिया, भदोही को महेशपुर इंडस्ट्रियल एरिया से दबोच लिया। उनके पास से चोरी के नौ मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। विनोद यादव के खिलाफ भदोही, मिर्जापुर, प्रयागराज और जौनपुर में कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि आशीष पाल पर वाराणसी के कैंट थाने में चार और चोलापुर थाने में एक मामला पहले से दर्ज है। पुलिस अब दोनों के अन्य आपराधिक कनेक्शन भी खंगाल रही है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 11 मार्च 2026 को कोनिया से लखनऊ जा रहे एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी हो गया। पीड़ित ने 12 मार्च को जियो सेंटर से नया सिम कार्ड लिया, लेकिन वह सक्रिय नहीं हो सका। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित के सिम को जियो से एयरटेल में पोर्ट करवा लिया और उसके नाम से नई यूपीआई आईडी बना ली। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों से कुल 85,860 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनियोजित तरीके से अलग-अलग स्थानों पर मोबाइल चोरी करते थे। चोरी के बाद मोबाइल का लॉक तोड़ते थे या सिम कार्ड निकालकर दूसरे फोन में लगाते थे। इसके बाद यूपीआई आईडी बनाकर या पासवर्ड रीसेट कर खातों तक पहुंच बना लेते थे। फिर जन सुविधा केंद्रों या अन्य खातों में पैसे ट्रांसफर कर उन्हें नकद निकाल लेते थे।
थाना प्रभारी विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। पुलिस लोगों से सतर्क रहने और मोबाइल चोरी होने पर तुरंत सूचना देने की अपील कर रही है।