UGC: नियमावली के विरोध में हाथ जोड़कर सड़क पर लेटे छात्र, निकाला मार्च; सुरक्षा कर्मियों से नोंकझोंक भी हुई
Varanasi News: वाराणसी के हजारों स्टूडेंस ने यूजीसी नियमावली के विरोध में जुलूस निकाला। बीएचयू में सुरक्षाकर्मी जब उन्हें रोकने के लिए आएं तो छात्रों ने उनसे भी नोंकझोक की। नाराज छात्र हाथ जोड़कर सड़क पर लेट गए।
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UGC: यूजीसी की नई नियमावली का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को बीएचयू परिसर में छात्रों ने विश्वनाथ मंदिर से महिला महाविद्यालय चौराहे तक मार्च निकाला। इस दौरान उनकी सुरक्षा कर्मियों से नोंकझोंक भी हुई। छात्रों ने नियमावली को सवर्ण विरोधी बताते हुए इसको वापस न लिए जाने तक विरोध, प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। उधर काशी विद्यापीठ, यूपी कॉलेज, संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी विरोध जताया।
बीएचयू कैंपस स्थित विश्वनाथ मंदिर से अपराह्न 3 बजे बड़ी संख्या में छात्र नियमावली का विरोध करते हुए निकले। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र परिषद सदस्य अभिषेक सिंह ने नियमावली पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जब तक यूजीसी नयी नियमावली को वापस नहीं ले लेती है तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान मृत्युंजय तिवारी, अभय सिंह आदि ने नयी नियमावली को सवर्ण छात्रों के हितों के विपरीत बताया। कहा कि फैसला वापस होने तक आंदोलन चलता रहेगा। इस दौरान शिवांश, अवनींद्र राय, रिंकू राय, शिवम सोनकर, हिमांशु, सुजीत आदि मौजूद रहे।
संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्रों ने नयी नियमावली के विरोध में प्रदर्शन कर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा। छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णमोहन शुक्ल ने कहा कि यह नियम उच्च शिक्षा और छात्रों के हितों के खिलाफ है और समाज को जोड़ने के बजाय बांटने का काम कर रहा है। इस दौरान महामंत्री प्रदीप पांडेय, छात्रनेता हिमांशु, अतुल पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मनाया जश्न
कलेक्ट्रेट पर धरना दे रहे केसरिया भारत के पदाधिकारियों ने पहले बुद्धिशुद्धि यज्ञ किया। इसके बाद जैसे ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी मिली तो अबीर गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। राष्ट्रीय हिन्दू दल संगठन के अध्यक्ष रोशन पाण्डेय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश की एकता अखंडता पर बने खतरे को सुप्रीम कोर्ट ने टालकर हिन्दूओं को बिखरने से बचा लिया।
