Dr TK Lahiri: डॉ. टीके लहरी का कुशलक्षेम जानने पहुंचे कुलपति, महापौर; बीएचयू एसएसबी में की बातचीत
Varanasi News: बीएचयू के डॉक्टरों की सलाह पर डॉ. लहरी बेड से उठकर वार्ड में कुर्सी पर बैठे रहे। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और महापौर अशोक तिवारी ने उनका हाल जाना। उन्हें बेहतर से बेहतर व्यवस्था देने की बात कही गई है।
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आईएमएस बीएचयू के कार्डियोथोरेसिक सर्जन पद्मश्री डॉ. टीके लहरी की सेहत में धीरे धीरे सुधार हो रहा है। बृहस्पतिवार को वह आईसीयू में बेड से उतरकर कुर्सी पर बैठे रहे। दोपहर में उनका हाल जानने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) पहुंचे। यहां उन्होंने कार्डियोथोरेसिक आईसीयू में बेड नंबर दो पर भर्ती डॉ. लहरी का इलाज करने वाले चिकित्सकों से भी बातचीत की।
पद्मश्री डॉ. लहरी की तबीयत 15 दिन से खराब चल रही थी। वह घर पर बिस्तर पर पड़े रहे। अमर उजाला में बुधवार को यह खबर छपने के बाद मंगलवार की शाम को डॉ. लहरी को एसएसबी के पांचवें तल पर कार्डियोथोरेसिक आईसीयू में भर्ती करवाया गया। इसके बाद आईएमएस और बीएचयू प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के साथ ही डॉक्टर भी टीके लहरी को देखने पहुंच रहे हैं।
बृहस्पतिवार को दोपहर में आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार के साथ पहुंचे कुलपति ने डॉ. लहरी से बातचीत कर जांच, इलाज के साथ ही अस्पताल में मिलने वाले खाने के बारे में भी जानकारी ली। कुलपति ने चिकित्सकों को डॉ. लहरी के सेहत का विशेष ख्याल रखने और बेहतर इलाज करने का निर्देश दिया।
उधर, महापौर अशोक तिवारी भी बीएचयू पहुंचे और डॉ. टीके लहरी से उनके सेहत के बारे में जानकारी ली। महापौर ने इस दौरान आईसीयू में मौजूद डॉक्टरों से भी बातचीत की। आईएमएस निदेशक प्रो.एसएन संखवार ने बताया कि डॉ. लहरी की देखभाल में लगी चिकित्सकीय टीम को विशेष निगरानी करते रहने को कहा गया है।
आईएमएस बीएचयू में जाने माने कार्डियोथोरेसिक सर्जन पद्मश्री डॉ. टीके लहरी के 15 दिन से बीमार होकर घर पर पड़े रहने और उनके करीबी अहमद अली की पहल पर बीएचयू में मंगलवार की देर शाम भर्ती होने की अमर उजाला की खबर का आईएमएस प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए चार विभागों के डॉक्टरों को निगरानी की जिम्मेदारी दी है।
नरिया स्थित न्यू मेडिकल इन्क्लेव की पहली लेन में डॉ.लहरी लंबे समय से अकेले रहते हैं। 2003 में कार्डियोथोरेसिक विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह हर दिन नरिया से एनसीसी बटालियन के सामने से त्रिवेणी संकुल हॉस्टल, कुलपति आवास, एमएस आफिस होते हुए शताब्दी सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में मरीजों को देखने जाते हैं।
उनके 15 दिन से बेड पर पड़े रहने की खबर के अमर उजाला में बुधवार को प्रकाशित होने के बाद दोपहर 12 बजे आईएमएस निदेशक प्रो.एसएन संखवार एसएसबी में पहुंचे। यहां उन्होंने डॉ. लहरी से उनकी सेहत का हाल जाना और हर संभव बेहतर से बेहतर जांच, इलाज का भरोसा दिलाया।
निदेशक ने बताया कि मेडिसिन डिपार्टमेंट, कार्डियोथोरेसिक, कार्डियोलॉजी के साथ ही जीरियाट्रिक डिपार्टमेंट के डॉक्टरों को निगरानी की जिममेदारी दी गई है। जरूरत के हिसाब से डॉ. लहरी को सभी तरह की बेहतर चिकित्सा सुविधा, दवाएं आदि दी जा रही हैं। प्रो. संखवार ने बताया कि बुधवार से डॉ. लहरी ने चिकित्सकों की सलाह पर जरूरी आहार लेना शुरू कर दिया है।
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पांच दशक से डॉ.टीके लहरी को जानने वाले नरिया निवासी अहमद अली ने बुधवार को अमर उजाला से बातचीत में बताया कि डॉक्टर साहब के 15 दिन बाद अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब उनका अच्छा इलाज हो सकेगा।
