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Varanasi News: उपश्रमायुक्त से मिले एसोसिएशन के पदाधिकारी, दूर हुई चिंता; इस समस्या पर बातचीत

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 21 Jun 2026 12:39 PM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और द स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उपश्रमायुक्त महेश कुमार पांडे से मुलाकात कर थर्ड पार्टी ऑडिट संबंधी शंकाओं का समाधान किया। अधिकारियों ने जोखिम श्रेणियों के अनुसार निरीक्षण और ऑडिट नियम स्पष्ट किए। उद्यमियों ने न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप और मजदूरी दरों में समानता की मांग उठाई।

Varanasi Association office-bearers met Deputy Labour Commissioner concerns addressed issue discussed
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और द स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

Varanasi News: इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और द स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उपश्रमायुक्त महेश कुमार पांडे से मुलाकात की। सरकार की ओर से लागू थर्ड पार्टी ऑडिट के प्रावधानों पर उद्यमियों की चिंताओं को दूर किया। 



उप श्रमायुक्त ने जोखिम श्रेणियों के तहत ऑडिट नियमों को स्पष्ट किया। बताया कि 20 कर्मचारियों से कम नियोजित करने वाले कारखानों को श्रम कानूनों में पंजीकरण की जरूरत नहीं है। 40 से कम श्रमिक वाले कारखाने कम जोखिम श्रेणी में हैं, जिनमें स्व प्रमाणन की व्यवस्था है। ऐसे कारखानों में पांच साल में एक बार रैंडम निरीक्षण होगा, जिसकी सूचना 48 घंटे पहले दी जाएगी। यह निरीक्षण पंजीकृत कारखानों के केवल 20 फीसदी में किया जाएगा। 
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गैर-खतरनाक प्रकृति के वे कारखाने जिनमें 40 से अधिक लेकिन 100 से कम कर्मचारी हैं, मध्यम जोखिम में होंगे। इन्हें थर्ड पार्टी ऑडिट कराना होगा, जिसकी रिपोर्ट 48 घंटे में पोर्टल पर अपलोड होगी। संतोषजनक रिपोर्ट पर तीन साल तक कोई निरीक्षण नहीं होगा। 

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खतरनाक या अति खतरनाक श्रेणी के कारखाने या 100 से अधिक कर्मचारी वाले गैर-खतरनाक कारखाने उच्च जोखिम में आएंगे। इनका निरीक्षण उपनिदेशक या सहायक निदेशक कारखाना करेंगे। द स्मॉल इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने थर्ड पार्टी ऑडिट के प्रावधानों पर जानकारी के अभाव को लेकर चिंता जताई। 

उद्यमियों को यह स्पष्ट नहीं था कि किन उद्योगों को ऑडिट की आवश्यकता है। ऑडिटर की सूची न होने से फीस को लेकर भी भ्रम था। एसोसिएशन के महासचिव नीरज पारीख ने न्यूनतम मजदूरी दरों के निर्धारण पर असंतोष व्यक्त किया और पूर्वांचल में मजदूरी दरों में समानता की मांग की। आईआईए के चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने उपश्रमायुक्त का धन्यवाद किया।

व्यापार में हो न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप : अपर श्रम आयुक्त कार्यालय में शनिवार को उद्यमियों और व्यापारियों संग हुई बैठक में व्यापारियों ने कहा कि काम-धंधे और रोजगार में न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप हो। बैठक में नए श्रम कानूनों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में महानगर उद्योग व्यापार समिति के उपाध्यक्ष रजनीश कनौजिया, मंत्री कौशल तिवारी और कार्यकारिणी सदस्य मंटू जालान मौजूद रहे।

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