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Varanasi News: आज भी भारत में बच्चों की मौत का प्रमुख कारण है निमोनिया, बाल रोग विशेषज्ञों ने की चर्चा

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 22 Jun 2026 02:55 PM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी में आयोजित बाल रोग विशेषज्ञों के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन पर विशेषज्ञों ने कहा कि आज भी भारत में बच्चों की मौत के प्रमुख कारणों में निमोनिया शामिल है। उन्होंने समय पर पहचान, टीकाकरण और उचित उपचार पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक रहने की अपील की।

Varanasi News Pneumonia remains leading cause of child mortality in India pediatricians discuss issue
कार्यशाला में सम्मानित चिकित्सक। - फोटो : संवाद
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विस्तार

एसोसिएशन ऑफ यूपी रेस्पिरेटरी चैप्टर की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन रविवार को हुआ। दूसरे दिन अलग-अलग सत्रों में बच्चों में सांस की बीमारी से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों की मौत में निमोनिया आज भी दुनिया और भारत में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। इन सबके बीच एंटीबायोटिक प्रतिरोध (सही प्रभाव न होने) की चुनौती बनी है। 



 नदेसर स्थित एक होटल में अधिवेशन के अंतिम दिन पीजीआई चंडीगढ़ के प्रो. जोसेफ मैथ्यू ने कहा कि 2023 में विश्व स्तर पर लगभग हर छह में से एक बैक्टीरियल संक्रमण की वजह एंटीबायोटिक का सही प्रभाव न दिखाना है।
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आईसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) की निगरानी रिपोर्ट में पाया गया कि निमोनिया और अन्य गंभीर संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणु में कई सामान्य एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोध बढ़ रहा है। यानी इसका प्रभाव जितना निमोनिया ग्रसित बच्चे पर बीमारी को कम करने में होना चाहिए, वह नहीं दिख रहा है। यदि एंटीबायोटिक का सही तरह से उपयोग नहीं किया गया, तो साधारण निमोनिया भी जानलेवा हो सकता है।
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डॉ. जगदीश चिन्नप्पा ने बताया कि दमा के पीड़ित बच्चों के मां/पिता में भी अवसाद की परेशानी भी पाई गई। कुछ वयस्क बच्चों में इस अवसाद के कारण इस बीमारी को ठीक करने में परेशानी आती है। समापन के अवसर पर मुख्य आयोजक सचिव डॉ. अशोक राय ने सभी के प्रति आभार जताया। इस दौरान डॉ. डीएम गुप्ता, डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. संजय पटेल, डॉ. अरुण त्रिपाठी, डॉ. एसपी पाल मौजूद रहे।

निमोनिया का टीका लगने से कम होगा संक्रमण
भारतीय बाल अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. दिगांत शास्त्री ने इन्फ्लूएंजा एवं निमोनिया टीका पर विस्तृत चर्चा की। बताया कि भारतवर्ष में निमोनिया का टीका लगने के बाद से संक्रमण में काफी कमी आई है। डॉ. केचुग ने अभिभावकों में इन्हेलर से इलाज के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इनहेलर से इलाज पूरी तरह कारगर है और इसकी आदत नहीं पड़ती है।

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