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Weather Update: सोमाली जेट, पाकिस्तानी हीट लो और तिब्बती प्रति चक्रवात के स्थान बदलते ही काशी का मानसून कमजोर
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 24 Jun 2026 04:36 PM IST
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सार
Varanasi News: हिंद महासागर के सोमाली जेट, पाकिस्तान के हीट लो और तिब्बती प्रति चक्रवात के स्थान बदलते ही काशी का मानसून कमजोर पड़ गया। वहीं 27 जून तक लू और 28 को बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हिंद महासागर के सोमाली जेट, पाकिस्तान के हीट लो और तिब्बती प्रति चक्रवात ने अपना स्थान बदल दिया, जिससे मानसून कमजोर पड़ गया। बारिश न होने के पीछे ऐसी ही कुल छह बड़ी वजहें सामने आ रहीं हैं। हैरानी की बात है कि पुरवा हवा के बजाय पछुआ लय में हैं और मानसूनी सीजन में लू के थपेड़ों की मार पड़ रही है। एक सप्ताह से बनारस देश के शीर्ष 2-4 गर्म शहरों में शुमार हो रहा है।
दरअसल, इन दिनों यहां से करीब 210 किमी दूर कर्क रेखा पर पड़ रही सूरज की सीधी किरणों के चलते काशी में कुछ ज्यादा ही तपिश महसूस है। 10 साल में ये पहला संयोग है, क्योंकि हर बार इस समय तक बरसात हो जाती थी या फिर मौसम मानसून के प्रभाव में होता था।
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बहरहाल, मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को मानसून के आगे बढ़ने का संकेत दिया है, लेकिन सप्ताह भर में यूपी में प्रवेश कर जाएगा इसका कोई सटीक आकलन नहीं है। कमजोर मानसून को लेकर यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने अमर उजाला को छह बड़ी वजहें बताईं।
- हिंद महासागर में मेडागास्कर के पास बनने वाला मैसकरन हाई तेज हवा का दबाव घट गया है। वह अपने स्थान से भी दूर हट गया है। यहीं से मानसून की हवा को ताकत मिलती है।
- मेडागास्कर से बहने वाले सोमाली या मानसून जेट की गति धीमी हो गई है। आमतौर पर यह सोमाली जेट आगे बढ़कर पृथ्वी के बीचोबीच भूमध्य रेखा को पार करते हैं और कोरियालिस बल (पृथ्वी की परिक्रमा के चलते उसकी उल्टी दिशा में हवा चलती है) के चलते भारत की ओर मुड़ जाते हैं।
- तिब्बत के पहाड़ों पर बनने वाला प्रति चक्रवात भी अपनी जगह से खिसक गया है। इससे पुरवा सक्रिय नहीं है।
- पाकिस्तान के ऊपर बनने वाली हीट लो में भी ताकत कम रह गई है। इससे मानसून के दौरान पूरे भारत में बनने वाली सीजनल ट्रफ विकसित नहीं हो पाई है। इस ट्रफ या लाइन का ही अनुसरण कर मानसून बारिश कराती है, वह भी स्पष्ट नहीं दिख रही है।
- भारत में पश्चिमी तट यानी कि महाराष्ट्र से केरल तक समुद्र किनारे एक ऑफ शोर अपतटीय ट्रफ बनती है, लेकिन इसका दबाव बेहद कम है। ऐसे में मानसून के आगे बढ़ने की गति कम हो गई है। हालांकि अब मानसून के एक्टिव होने का संकेत मिल चुका है।
- इन दिनों बनारस सहित यूपी के कई इलाके पश्चिम से आ रही लू की चपेट में हैं जबकि मानसून के लिए पुरवा को सक्रिय हो जाना था।
हर बार 17 से 25 जून के बीच में आता था मानसून
पिछले 10 साल में मानसून 17 से 25 जून के आसपास बनारस में पहुंच जाता रहा है। डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 27 जून तक बनारस सहित पूरे पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर लू की स्थितियां बनी रह सकती हैं। 28 जून के बाद बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
इसे भी पढ़ें; बीएचयू: भर्ती प्रकरण के बाद अब नर्सिंग स्टाफ को दो गलत इंक्रीमेंट देने का आरोप, जांच में घिर सकते हैं अधिकारी
सामान्य से 5.6 डिग्री ऊपर रहा पारा
मंगलवार को काशी देश का तीसरा सबसे गर्म शहर बन गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 5.6 डिग्री ऊपर 42.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम सामान्य से 3.8 डिग्री कम 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्म हवा 20 किमी प्रति घंटे की गति से बही, जबकि नमी 50 फीसदी तक रही।
पिछले 10 साल में मानसून 17 से 25 जून के आसपास बनारस में पहुंच जाता रहा है। डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 27 जून तक बनारस सहित पूरे पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर लू की स्थितियां बनी रह सकती हैं। 28 जून के बाद बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
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सामान्य से 5.6 डिग्री ऊपर रहा पारा
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