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ज्ञानवापी सर्वे: रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एएसआई ने मांगे 15 दिन, मोहलत मिलेगी या नहीं; कल आएगा कोर्ट का आदेश

Fri, 17 Nov 2023 02:56 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 17 Nov 2023 02:56 PM IST
सार

केंद्र सरकार के स्पेशल गवार्निंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव ने कहा  कि अभी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। 15 दिन का अतिरिक्त समय देने के लिए हमने अदालत में आवेदन दिया है। लेकिन उस पर भी जिला जज की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी।

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Will the survey report of Gyanvapi campus be presented today or not?
ज्ञानवापी परिसर। - फोटो : social media

विस्तार

ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की रिपोर्ट भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से आज वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में जमा नहीं हो पाई। केंद्र सरकार के स्पेशल गवार्निंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव ने कहा  कि अभी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। 15 दिन का अतिरिक्त समय देने के लिए हमने अदालत में आवेदन दिया है। 

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लेकिन उस पर भी जिला जज की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले पर अब शनिवार यानी 18 नवंबर को सुनवाई होगी। एक अधिवक्ता के निधन के कारण एएसआई के आवेदन पर सुनवाई टली। शनिवार को ही शैलेन्द्र पाठक की ओर से व्यास जी की गद्दी डीएम को सुपुर्द किये जाने के वाद पर भी सुनवाई होनी है। 
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माना जा रहा है कि अलग-अलग स्थानों से आई टीमों और त्योहारों के  अवकाश के कारण रिपोर्ट तैयार होने में देरी हुई है। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बीते 21 जुलाई को ज्ञानवापी परिसर (सील वजूखाने को छोड़ कर) के सर्वे का आदेश एएसआई को दिया था। 24 जुलाई से एएसआई की टीम ने सर्वे का काम शुरू किया था। दो नवंबर को एएसआई ने अदालत को बताया कि सर्वे पूरा हो चुका है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए 15 दिन का समय और चाहिए। अदालत ने 17 नवंबर तक सर्वे रिपोर्ट  दाखिल करने का आदेश दिया। 
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देशभर के पुरातत्व विशेषज्ञ सर्वे में हुए शामिल
ज्ञानवापी में सर्वे करने वाली टीम में एएसआई के देश भर के विशेषज्ञ शामिल हुए थे। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आलोक कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में सारनाथ, प्रयागराज, पटना, कोलकाता और दिल्ली के पुरातत्व विशेषज्ञों ने सर्वे का काम किया। जीपीआर तकनीक से अध्ययन के लिए हैदराबाद से विशेषज्ञों का दल आया था।


दो बार रुक चुका है ज्ञानवापी सर्वे

  • 24 जुलाई - ज्ञानवापी में सर्वे का काम शुरू हुआ व कोर्ट के आदेश के बाद रोक दिया गया
  • 4 से 14 अगस्त तक- सर्वे का काम हुआ
  • 7 सितंबर - मसाजिद कमेटी के विरोध के कारण ज्ञानवापी में सर्वे का काम नहीं हुआ
  • 8 सितंबर - कोर्ट द्वारा सर्वे की समय सीमा चार हफ्ते बढ़ाया गया
  • 6 अक्तूबर - ज्ञानवापी में सर्वे की समय सीमा चार हफ्ते और बढ़ाई गई
  • 2 नवंबर- एएसआई ने बताया सर्वे पूरा हुआ। कोर्ट का 17 नवंबर तक रिपोर्ट देने का आदेश

कोषागार में रखी गई हैं 250 सामग्रियां
21 जुलाई के अदालत के आदेशानुसार एएसआई को अपनी रिपोर्ट के माध्यम से यह बताना है कि क्या ज्ञानवापी में मंदिर को ध्वस्त कर उसके ऊपर मस्जिद बनाई गई है? वहीं, सर्वे के दौरान साक्ष्य के रूप में मिली 250 सामग्रियां अदालत के आदेश से छह नवंबर को एडीएम प्रोटोकॉल की देख-रेख में कोषागार के डबल लॉक में रखवाई गई थी।

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