औरंगाबाद के ओबरा के पूर्व विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह के बेटे व पूर्व मुखिया कुणाल प्रताप सिंह की दादागिरी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, हम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि यह वीडियो आज यानी मंगलवार की सुबह का है।
कहा जा रहा है कि यह वीडियो दाउदनगर के पिराहीबाग स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल का है। इस वीडियो में पूर्व विधायक के बेटे कुणाल प्रताप सिंह कथित तौर पर दादागिरी करते दिख रहे हैं। वीडियो में कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी होती दिख रही है।
पति-पत्नी के विवाद की पंचायती करने गए थे पूर्व विधायक के पुत्र
कहा जा रहा है कि जिस प्राइवेट हॉस्पिटल का यह वायरल वीडियो है, उसमें एक महिला नर्स काम करती है। महिला नर्स का अपने पति से विवाद चल रहा है। इसी विवाद को सुलझाने के इरादे से पूर्व विधायक के पुत्र मंगलवार की सुबह पंचायती कराने अस्पताल पहुंचे थे।
पूर्व विधायक के पुत्र ने दिखाई दादागिरी
जानकारों के अनुसार, पूर्व विधायक के बेटे ने पति-पत्नी के बीच के विवाद को सुलझाने को लेकर अस्पताल संचालक से बात की थी। बातचीत में संचालक ने उन्हें वार्तालाप के लिए अस्पताल बुलाया था। वार्तालाप के दौरान पूर्व विधायक के पुत्र ने अस्पताल प्रबंधन पर महिला नर्स को यह कहते हुए नौकरी से हटाने का दबाव बनाया कि जब महिला का पति उससे नौकरी नहीं कराना चाहता है तो वे उसे नौकरी से हटा दें।
वहीं, अस्पताल संचालक ने कहा कि जब महिला नर्स नौकरी करना चाहती है तो वह उसे जबरन कैसे हटा सकते हैं। यदि वह स्वेच्छा से नौकरी छोड़ देती है तो इस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बात बढ़ गई और पूर्व विधायक के पुत्र कथित तौर पर दादागिरी करने लगे।
अस्पताल के कर्मी को घायल करने का भी आरोप
आरोप है कि पूर्व विधायक के पुत्र ने दादागिरी दिखाने के दौरान अस्पताल के एक कर्मी को भी लहूलुहान कर दिया। पीड़ित कर्मी का आरोप है कि कुणाल प्रताप सिंह ने उन्हें ब्लेड मारकर लहूलुहान किया है।
थाने में भी हुई दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की
पूर्व विधायक के पुत्र के मौके से निकल जाने के बाद पीड़ित पक्ष मामले की शिकायत करने दाउदनगर थाना पहुंचा। इसकी खबर मिलते ही पूर्व विधायक के पुत्र थाने पर आ धमके और थाने में भी दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद बीच-बचाव के बाद दोनों पक्ष शांत हुए। शांत होने के बाद दोनों पक्षों ने फिर से बातचीत की और मामला सुलह-समझौते तक पहुंच गया। सुलह-समझौते के बाद दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ थाने में कोई शिकायत दर्ज कराए बगैर वापस चले गए।
नर्स की नौकरी छोड़ बेंगलुरु में पति के साथ रहेगी पत्नी
दोनों पक्षों में हुए समझौते के बाद प्राइवेट अस्पताल की नर्स ने सहमति दी है कि वह नौकरी छोड़कर अपने पति के साथ बेंगलुरु में रहेंगी, जहां उनके पति जॉब करते हैं। वहीं, नर्स के पति ने भी उन्हें मारपीट नहीं करने का भरोसा दिया है।
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थानाध्यक्ष का बयान
मामले में दाउदनगर थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि विवाद के बाद दो पक्ष शिकायत के लिए थाना आए थे, लेकिन शिकायत आवेदन देने से पहले दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। मामले में किसी पक्ष से कोई शिकायत आवेदन नहीं मिला है।
गौरतलब है कि पूर्व विधायक के पुत्र कुणाल प्रताप सिंह की चर्चा मुसलमानों के हमदर्द राजद नेता के रूप में होती है। चूंकि जिस अस्पताल संचालक से कुणाल का विवाद हुआ, वह मुस्लिम है। इसी वजह से यह दावा किया जा रहा है कि कैमरे में उनका कथित ‘असली चेहरा’ दिखा है और मुसलमानों से उनकी हमदर्दी झूठी है। साथ ही, वायरल वीडियो को लेकर दाउदनगर में सियासत का बाजार भी गर्म हो गया है। वीडियो में कथित तौर पर अभद्र भाषा, धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। वीडियो को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।