पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित मोकामा रेफरल अस्पताल में शनिवार को हुई तेज बारिश ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी। महज आधे घंटे की मूसलाधार बारिश में पूरा अस्पताल परिसर जलमग्न हो गया। हालात ऐसे हो गए कि अस्पताल की सीढ़ियों से पानी झरने की तरह बहने लगा। जलभराव के कारण मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल के अंदर ही फंस गए और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अस्पताल परिसर में भर गया पानी, वार्ड तक पहुंचा जलभराव
बारिश शुरू होते ही अस्पताल भवन के अंदर तेजी से पानी भरने लगा। देखते ही देखते बारिश का पानी सामान्य वार्ड तक पहुंच गया। वार्ड में बेड के नीचे तक पानी भर जाने से भर्ती मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज खुद को और अपने सामान को पानी से बचाने के लिए सुरक्षित जगह तलाशते नजर आए। अस्पताल में चारों ओर पानी भर जाने से लोगों के लिए खड़े होने और बैठने तक की जगह नहीं बची। मरीजों और उनके परिजनों को काफी देर तक मुश्किल हालात में इंतजार करना पड़ा।
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ओपीडी और दवा वितरण का काम भी हुआ प्रभावित
जलभराव का असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। ओपीडी, दवा वितरण केंद्र और निबंधन काउंटर का काम पूरी तरह ठप हो गया। इलाज के लिए पहुंचे लोगों को लाइन छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। इससे अस्पताल में इलाज की व्यवस्था कुछ समय के लिए पूरी तरह प्रभावित हो गई।
बारिश थमने के बाद सामान्य हुई स्थिति
बारिश रुकने और पानी का स्तर कम होने के बाद धीरे-धीरे अस्पताल परिसर की स्थिति सामान्य हुई। इसके बाद मरीजों ने राहत की सांस ली और फिर से पर्ची कटाने तथा दवा लेने के लिए कतारों में लगना शुरू किया। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की तैयारियों और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हेल्थ मैनेजर ने बताई वजह
मामले पर हेल्थ मैनेजर शोभा भारती ने बताया कि पाइप लीकेज होने के कारण बारिश का पानी अचानक सीढ़ियों से होकर अस्पताल परिसर में फैल गया था। उन्होंने कहा कि बारिश रुकने के करीब आधे घंटे बाद समस्या को दूर कर लिया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।