छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में महा जन-सुनवाई का आयोजन किया गया। आज सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में सरगुजा संभाग के छह जिलों से जुड़े कुल 101 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 30 प्रकरणों का निराकरण करते हुए उन्हें नस्तीबद्ध कर दिया गया।
यह महा जन-सुनवाई प्रदेश स्तर की 371वीं तथा जिला स्तर की 10वीं सुनवाई रही। इसमें सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले सरगुजा जिला, सूरजपुर जिला, बलरामपुर जिला, कोरिया जिला, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला तथा जशपुर जिला के मामलों को एक साथ सुना गया। प्राप्त मामलों में सरगुजा जिले के 35 में से 5, जशपुर के 18 में से 9, सूरजपुर के 18 में से 10, बलरामपुर के 6 में से 2, कोरिया के 13 में से 3 तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के 11 में से 2 मामलों का निराकरण कर उन्हें नस्तीबद्ध किया गया।
सुनवाई के दौरान कुल 80 पक्षकारों ने पंजीयन कराया, जबकि शेष पक्षकार अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित मामलों को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। सुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, विवाह के समय दिए गए सामान की वापसी तथा आपसी समझौते से जुड़े मामलों पर दोनों पक्षों को सुनते हुए आयोग ने आवश्यक निर्देश जारी किए। एक मामले में विवाह के समय दिए गए सामान की वापसी सुनिश्चित कराने के लिए सूरजपुर की संरक्षण अधिकारी को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई तथा दोनों पक्षों को तय तिथि पर सामान के आदान-प्रदान और काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका की बेटी के लापता होने के मामले की जांच के लिए बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। वहीं कुछ मामलों में न्यायालय में प्रकरण लंबित होने के कारण उन्हें नस्तीबद्ध कर दिया गया। कुछ मामलों की अगली सुनवाई 6 अप्रैल 2026 को रायपुर में निर्धारित की गई है। महा जन-सुनवाई में सरगुजा संभाग के सभी जिला संरक्षण अधिकारी, मिशन शक्ति के प्रतिनिधि, केंद्र प्रशासिका तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के अधिकारियों ने सहयोग प्रदान किया।