बालोद जिले के बालोद विकासखंड के गौरव ग्राम कहे जाने वाले ग्राम लिमोरा के हजारों ग्रामीण प्रशासन की अनदेखी से नाराज हैं, नाराज स्कूली बच्चों की शिक्षा को लेकर हैं और इस कदर हैं कि ग्रामीणों ने पूरे गांव में काम धाम बंद करके स्कूल में ताला जड़ दिया और शिक्षकों की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन करने लगे स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन सहित शिक्षा एवं राजस्व विभाग के अधिकारी पहुंचे दोनों पक्षों में बीच वार्ता हुई विभाग ने 10 दिवस के भीतर शिक्षकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया जिसके बाद स्कूल का ताला खुल पाया है शिक्षकों की कमी से जूझ रहे इस विद्यालय के पालकों ने कहा कि जितने दिन का आश्वासन मिला है केवल उतना ही दिन इंतजार करेंगे।
दरअसल ग्राम लिमोरा में प्राइमरी, मिडिल और हायर सेकंडरी स्कूल एक साथ मर्ज है यहां कक्षा पहली से बारहवीं तक 200 बच्चे पढ़ाई कर रहें हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है, बारहवीं बोर्ड है लेकिन भौतिक, हिंदी और संस्कृत के शिक्षक ही नहीं है, गणित विषय के शिक्षक हैं लेकिन वे प्रिंसीपल भी हैं जिनपर तीनो स्कूल का भार ज्यादा है, ग्रामीणों द्वारा बीते 5-6 साल से लगातार शिक्षकों की मांग प्रशासन से कर रहें हैं,शिक्षा विभाग और कलेक्टर तक शिकायत किए लेकिन प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं कि गई।
एक सप्ताह पहले दी थी चेतावनी
एक सप्ताह पूर्व भी ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग में जाकर तालाबंदी करने की चेतावनी दी लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा एक सप्ताह के भीतर भी शिक्षकों की व्यवस्था नहीं कर पाए,नतीजा यह हुआ कि अब ग्रामीण स्कूल के गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन कर रहें हैं, ग्रामीण अब अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, एक ओर जहां शिक्षा विभाग द्वारा दावा किया जाता है कि शिक्षक की पर्याप्त व्यवस्था है पढ़ाई जारी है लेकिन दूसरी ओर जिले के अलग अलग गांवों से इस तरह की तालाबंदी की तस्वीरें सामने आने से शिक्षा विभाग के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।