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VIDEO : तहसील कार्यालय में किसान ने की आत्महत्या की कोशिश, प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
भाटापारा तहसील कार्यालय में एक किसान द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना प्रशासनिक उदासीनता और राजस्व विभाग की लचर व्यवस्था को उजागर करती है, जहां किसान अपनी जमीन के कब्जे के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर था।
मिली जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय किसान हीरा लाल साहू, ग्राम बूढ़गहन, सुहेला थाना क्षेत्र का निवासी है। वह लंबे समय से अपनी जमीन के कब्जे को लेकर तहसील कार्यालय आ-जा रहा था, लेकिन उसे कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला। इसी से आहत होकर उसने तहसील कार्यालय में ही जहर का सेवन कर लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। घटना के बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सुहेला में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। जैसे ही प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिली, अधिकारी अस्पताल पहुंचे और किसान के परिजनों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
राजस्व विभाग की लचर व्यवस्था
किसान हीरा लाल साहू का आरोप है कि वह लंबे समय से अपनी जमीन के कब्जे की गुहार लगा रहा था, लेकिन तहसील कार्यालय में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी। राजस्व विभाग में वर्षों से लंबित मामलों के कारण किसानों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन समाधान नहीं निकलता। इस मामले के बाद प्रशासन हरकत में आया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। कलेक्टर ने पहले भी सभी राजस्व मंडलों को लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए थे, लेकिन निचले स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता के चलते किसान आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
प्रशासन को कठोर कदम उठाने की जरूरत
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रशासनिक लापरवाही किसानों की समस्याओं को और अधिक गंभीर बना रही है। यदि राजस्व विभाग ने समय पर किसान की समस्या का समाधान किया होता, तो शायद आज वह आत्महत्या करने की कोशिश न करता। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले को गंभीरता से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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