गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मनरेगा में किए गए बदलावों और धान खरीदी में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने जिले में मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता धान से भरी बोरियां लेकर धरना स्थल पर पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से प्रशासन को सौंपते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया।
आंदोलन के तहत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित एसडीएम को सौंपा गया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने प्रतीकात्मक गिरफ्तारी दी, जिसमें कुल 2267 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में लगभग ढाई लाख किसानों का धान सरकार द्वारा नहीं खरीदा गया है, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने हर एक दाना धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन खरीदी प्रक्रिया में लागू सीमाओं और शर्तों के कारण किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने का अवसर नहीं मिल पाया।
कांग्रेस का यह भी आरोप है कि धान नहीं बिकने से परेशान होकर कई किसानों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की बनती है। नेताओं ने कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। खरीदी केंद्रों में लागू नियम किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
प्रदर्शन को मनरेगा बचाओ आंदोलन के संभागीय प्रभारी विजय केसरवानी, जिला प्रभारी शैलेश पांडे (पूर्व विधायक), कोटा विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी, मरवाही के पूर्व विधायक के.के. ध्रुव और जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा में किए गए बदलावों से मजदूरों को रोजगार मिलने में कठिनाई हो रही है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा में किए गए बदलाव वापस नहीं लिए गए और धान की संपूर्ण खरीदी सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि मजदूरों और किसानों के अधिकारों की यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।