{"_id":"698191aa3fddda420203dfc7","slug":"cough-syrup-case-2500-mobile-numbers-on-sit-s-radar-new-revelations-in-cough-syrup-case-2026-02-03","type":"video","status":"publish","title_hn":"Cough Syrup Case: SIT के रडार पर 2500 मोबाइल नंबर, कफ सिरप मामले में नए खुलासे!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cough Syrup Case: SIT के रडार पर 2500 मोबाइल नंबर, कफ सिरप मामले में नए खुलासे!
Video Published by: पंखुड़ी श्रीवास्तव Updated Tue, 03 Feb 2026 11:41 AM IST
Link Copied
कफ सिरप तस्करी मामले में गठित एसआईटी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परत-दर-परत नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में एसआईटी ने तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के संपर्क में रहने वाले लोगों की विस्तृत सूची तैयार की है।
कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री में शैली ट्रेडर्स के साथ जुड़े लोगों का नेटवर्क बेहद व्यापक बताया जा रहा है। कमिश्नरेट की एसआईटी ने करीब 2500 मोबाइल नंबरों को जांच के दायरे में लिया है। पक्के महाल, मैदागिन, सप्तसागर दवा मंडी और आसपास के इलाकों के करीब 40 युवक शहर छोड़कर फरार हो गए हैं। एसआईटी उनकी लोकेशन ट्रेस कराने में जुटी है। जांच में हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के कुछ पूर्व छात्र नेताओं की संलिप्तता भी सामने आई है।
एसआईटी ने शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और उसके 75 हजार रुपये के इनामी बेटे शुभम जायसवाल के संपर्क में रहने वालों की अलग-अलग सूची तैयार की है। जांच में औसानगंज निवासी पिता-पुत्र और उनके रिश्तेदारों की कफ सिरप की खरीद-बिक्री में भूमिका उजागर हुई है। खासतौर पर पक्के महाल क्षेत्र के कई नवयुवकों को तस्करी में शामिल किया गया था।
एसआईटी के अनुसार, बीते तीन वर्षों में इन युवकों ने होटल, गेस्ट हाउस और प्रॉपर्टी डीलिंग जैसे कारोबारों में भारी निवेश किया है। कोतवाली थाने में कुछ संदिग्ध युवकों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
सिगरा थाना क्षेत्र के बादशाहबाग कॉलोनी निवासी मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, खोजवा निवासी दिवेश जायसवाल और सोनिया क्षेत्र के अमित जायसवाल के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। वहीं शुभम जायसवाल के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी कर चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, कफ सिरप तस्करी से जुड़े आरोपियों की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। साथ ही शुभम और भोला जायसवाल के करीबी लोगों की संपत्तियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। बीते तीन वर्षों में अर्जित संपत्तियों के स्रोत, मात्रा और आय से जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।