जांजगीर चांपा जिले में “सुशासन तिहार 2026” के प्रभावी संचालन को लेकर प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनसमस्या निवारण शिविरों की प्रगति, प्राप्त आवेदनों के निराकरण, विभागीय समन्वय और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लिया जाए और विभागवार वर्गीकरण कर उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर नागरिकों को तत्काल राहत दी जाए। प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही इस अभियान का मूल लक्ष्य है। उन्होंने राजस्व प्रकरणों जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और त्रुटि सुधार के मामलों के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि वर्षों से लंबित मामलों का निराकरण तेजी से हो सके।
कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए मंत्री चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को उन्नत और लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित किया जाए तथा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाकर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया, ताकि योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। बैठक में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले में चल रहे शिविरों, प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और सभी विभागों को समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।