कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी ग्राम बस्ती में शनिवार देर शाम तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। गर्मी के कारण लीकेज और वायर फटने से ट्रांसफार्मर धू-धू कर जलने लगा। मौके पर दमकल नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने खुद रेत, मिट्टी और पानी डालकर घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के बाद पूरे गांव की विद्युत व्यवस्था ठप हो गई, जिससे शादी समारोह में जुटे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार शाम करीब 7 बजे मौसम अचानक बिगड़ा। तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान बस्ती में लगे ट्रांसफार्मर से चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर में लीकेज था और तार भी जर्जर हो चुके थे। आंधी के दौरान वायर आपस में टकराए, जिससे शॉर्ट सर्किट हो गया। आग लगने की सूचना पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के घरों के लोग बाहर निकल आए। चूंकि इलाके में सिर्फ एनटीपीसी के पास ही दमकल वाहन है और वह भी दूर था, इसलिए ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। बाल्टी, रेत और मिट्टी से लगातार प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल चुका था।
गांव में एक घर में शादी समारोह चल रहा था। बिजली गुल होने से मेहमानों और परिजनों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। खाना बनाने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में दिक्कत आई। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को सूचना दी। टीम ने रात में ही पहुंचकर सुधार कार्य शुरू किया, लेकिन आपूर्ति सामान्य करने में कई घंटे लग गए। ग्रामीणों ने बताया कि छुरी बस्ती औद्योगिक क्षेत्र है। यहां आसपास कई छोटी-बड़ी कंपनियां और फैक्ट्रियां हैं, लेकिन एनटीपीसी को छोड़कर किसी के पास दमकल वाहन नहीं है। लोगों ने मांग की है कि सभी फैक्ट्री-कारखानों में अनिवार्य रूप से फायर ब्रिगेड की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर तार और ट्रांसफार्मर के मेंटेनेंस को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। समय रहते सुधार होता तो यह हादसा टल सकता था। फिलहाल विद्युत विभाग मामले की जांच कर रहा है।