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गढ़वाली भाषा को एआई और चैट जीपीटी जैसे माध्यमों से संरक्षित करने की जरूरत: प्रीतम भरतवाण
गढ़वाली भाषा को एआई और चैट जीपीटी समेत अन्य माध्यम से संरक्षित करते हुए सभी के बीच में पहुंचाने को लेकर कर रहे कार्य को लेकर प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते जागर भोर एकेडमी के अध्यक्ष जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण व अन्य।
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