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गुरुग्राम: सनसिटी के 350 फ्लोर की रजिस्ट्री अटकी, खरीदारों की सरकार से गुहार
गुरुग्राम सेक्टर 54 स्थित सनसिटी के एफ ब्लॉक में 180 गज से कम के फ्लोर की रजिस्ट्री नहीं हो पाने के मामले को लेकर लोगों ने सरकार से रजिस्ट्री शुरू कराने की मांग की है। एक संवाददाता सम्मेलन में बिल्डर लाइसेंस सोसाइटी सनसिटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि 2001 और 2010 के बीच घर खरीदने, पूरी किश्त चुकाने और नियमित रूप से सभी लागू करों का भुगतान करने के बावजूद, हममें से कई लोगों को संपत्ति हस्तांतरण विलेखों (कंवेश डीड) का पंजीकरण नहीं मिला है। इससे मकान मालिक कानूनी और आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति में आ गए हैं। प्लॉट के फ्लोर की रजिस्ट्री से इसलिए इनकार के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि वर्ष 2009 में एक प्रशासनिक सर्कुलर आया था, जिसमें 180 वर्ग गज से कम सके भूखंडों पर स्वतंत्र मंजिलों (इंडिपेंडेंट फ्लोर) के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) को प्रतिबंधित करता है। हालांकि यह कानून के विपरीत है।
हरियाणा सरकार ने हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 में 2009 में संशोधन करके धारा 3सी जोड़ी, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लाइसेंस प्राप्त प्लॉटेड कॉलोनियों में स्वतंत्र आवासीय मंजिलों का पंजीकरण स्वतंत्र आवास इकाइयों के रूप में मान्य होगा। ऐसी इकाइयों के नीचे की भूमि का कोई उपविभाजन अनुमत नहीं है, और पंजीकरण प्रति मंजिल एक इकाई तक सीमित है। खरीददार को लागू स्टांप शुल्क के साथ-साथ सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। यह शुल्क पंजीकरण के समय रजिस्ट्रार/उप-रजिस्ट्रार द्वारा वसूला जाएगा।
सनसिटी की आरडब्ल्यूए चेयरपर्सन मोना शर्मा ने बताया कि कानून में न्यूनतम प्लाॅट के आकार का कोई प्रतिबंध नहीं है मगर बिल्डर लाइसेंस कॉलोनी में होने का खामियाजा उन्हें भुगतना प़ड़ रहा है। इसको लेकर वे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में वर्ष 2022 से याचिका दायर की है। जिसमें कोई फैसला नहीं आया है। हमारी स्थिति अनधिकृत कॉलोनियों जैसी हो गई है जबकि बिल्डर लाइसेंस कॉलोनी के तौर पर बाकियों से ज्यादा कीमतें चुका कर देकर जमीनें खरीदी है । आरडब्ल्यूए अध्यक्ष कुलदीप राणा ने बताया कि सरकार का सर्कुलर 2009 का है जबकि उनके फ्लोर पहले से बने हुए हैं। जबकि एफ ब्लॉक करीब 350 फ्लोर ऐसे हैं जिनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाने के कारण लोग उसे खरीद और बेच नहीं सकते हैं। कार्यक्रम में ऋचा भारद्वाज, चित्रेश दत्ता, अभिमन्यु आदि ने अपनी समस्या साझा की।
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