नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रेरित- मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में आतंकवाद, नशाखोरी और समाज में फैल रही नकारात्मक प्रवृत्तियों पर गहरा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद का कोई धर्म, जाति या रंग नहीं होता, वह केवल शैतानियत है। हम हिन्दुस्तानी थे, हैं और रहेंगे। हमारी पहचान पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।'
'भारत को आतंकवाद और नशामुक्त बनाने का आह्वान'
देश की बुनियादी पहचान और भाईचारे की बात करते हुए भारत को आतंकवाद और नशामुक्त बनाने का आह्वान करते हुए इंद्रेश कुमार ने याद दिलाया कि MRM ने तीन तलाक को खत्म कराने की लड़ाई लड़ी और यह संगठन हमेशा महिलाओं की अस्मिता और समाज की इज्जत की रक्षा के लिए खड़ा रहा है। उन्होंने कहा, 'अब समय आ गया है कि शिक्षा, तहजीब और तरक्की पर जोर देकर भारत को आगे बढ़ाया जाए और समाज में एकता की नई मिसाल कायम की जाए। उन्होंने बिहार में मौजूद रोहिंग्या और घुसपैठियों का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया।
भाजपा सांसद ने बताया वक्फ कानूनों में सुधारों का मकसद
इस सम्मेलन में वरिष्ठ भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने हमेशा उन ताकतों को जवाब दिया है जो भारत को बांटने का सपना देखते हैं। उन्होंने वक्फ सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार वक्फ की एक-एक इंच जमीन का डिजिटलीकरण कर रही है ताकि यह मुसलमानों के हित में काम आए।
महिलाओं के नेतृत्व पर भी चर्चा
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय संयोजक डॉ. शालिनी अली ने कहा कि भारत की मुस्लिम महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं रहेंगी बल्कि नेतृत्वकर्ता बनेंगी। उन्होंने कहा, तीन तलाक की समाप्ति के बाद समाज में एक नई चेतना आई है।
MRM के भविष्य की दिशा कैसी?
तालकटोरा स्टेडियम के महासम्मेलन में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपने 25 वर्षों के सफर में तीन तलाक समाप्ति, वक्फ संशोधन कानून और आतंकवाद विरोधी अभियानों को रेखांकित करते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी संकल्प लिए। MRM आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति और राष्ट्रीय एकता के लिए और भी संगठित और आक्रामक अभियान चलाएगी।
MRM के महासम्मेलन में कई हस्तियां हुईं शरीक
इस सम्मेलन में इंद्रेश कुमार के अलावा वक्फ पर बनी संयुक्त संसदीय समिती (जेपीसी) के चेयरमैन व वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जाटिया, अजमेर शरीफ दरगाह के चेयरमैन ख्वाजा नसरुद्दीन, ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम मौलाना उमेर इलियासी, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शाहिद अख्तर, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी जैसी हस्तियां शामिल हुईं।
भारत में सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक नेतृत्व पर जोर
इसके अलावा हजारों की संख्या में देशभर से आए कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई बल्कि मंच के उस विज़न को भी साझा किया, जो भारत में सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक नेतृत्व की नई राह खोलने वाला है।