Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Hisar News
›
Farmers can earn Rs 1 to 3 lakh from fish farming in degraded land: Dr. Saravanan Raj
{"_id":"69941d0ba48f809cec0f3e48","slug":"video-farmers-can-earn-rs-1-to-3-lakh-from-fish-farming-in-degraded-land-dr-saravanan-raj-2026-02-17","type":"video","status":"publish","title_hn":"खराब पड़ी जमीन में मत्स्य पालन से1 से 3 लाख रुपये कमा सकेंगे किसान: डॉ. सरवनन राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब पड़ी जमीन में मत्स्य पालन से1 से 3 लाख रुपये कमा सकेंगे किसान: डॉ. सरवनन राज
राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज) हैदराबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक डॉ. सरवनन राज ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि हरियाणा में मत्स्य पालन को 90 प्रतिशत संभावना हैं। किसान अपनी खराब पड़ी जमीन से भी 1 से 3 लाख रुपये कमा सकेंगे। हरियाणा के मीठे व खारे पानी में झींगा मछली एक रिकॉर्ड बना सकता है। यहां से दिल्ली नजदीक होने के चलते अच्छी मार्केट भी है। ऐसे में किसान दिल्ली -एनसीआर से लेकर इंटरनेशनल लेवल तक की मार्केट में जा सकते हैं। मत्स्य पालन को लेकर केंद्र सरकार ने नए स्टार्टअप भी शुरु किए हैं। जिसमें युवा उद्यमियों, किसानों, युवाओं को मौका मिलेगा। एग्री बिजनेस की तरह से एक्वा में भी स्टार्टअप के तहत फंडिंग दी जाएगी।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज) हैदराबाद के सहयाेग से आयोजित चार दिवसीय एक्वा उद्यम-2026 के शुभारंभ के बाद अमर उजाला से खास बातचीत में मैनेज के निदेशक डॉ. सरवनन राज ने कहा कि एग्री स्टार्टप के तहत अब तक 562 लोगों ने अपने आइडिया दिए। जिसमें 235 को फंडिग के लिए चुना गया। इन युवाओं को उद्यमियों के तौर पर विकसित करने के लिए 22 करोड़ 80 लाख रुपये की मदद की गई है। उन्होंने बताया कि एक्यूबेशन सेंटर सर्पोट एंड एग्री स्टार्टअप मानीटिंग के तहत 1416 स्टार्टअप को शुरु किए गए। जिसमें 606 युवाओं को 51 करोड़ रुपये बिजनेस के लिए दिए गए हैं। अब तक 1 लाख 12 हजार 906 लोगों ने पंजीकरण किया है।
युवाओं छात्रों के लिए एग्रीप्रन्योर कार्यक्रम के तहत 64 घंटे की क्लास रुम ट्रेनिंग के बाद 4 से 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। एग्री स्टार्टअप में युवा उद्यमी को 25 लाख रुपये तक मदद मिलेगी। उसे दा साल तक एक्यूबेशन सेंटर सपोर्ट भी दी जाएगी। डॉ. सरवनन राज ने कहा कि उत्तर भारत में मत्स्य पालन को लेकर काफी कम काम हुआ है। आप अपनी खराब जमीन में फसल नहीं ले सकते लेकिन मत्स्य पालन कर सकते हैं। सेमग्रस्त जमीन, लवणीय जमीन, सूखे एरिया वाली जमीन, खारे पानी जमीन में फसल लगाने की बजाए मत्स्य पालन से किसान को एक साल में प्रति एकड़ 1 से 3 लाख रुपये तक का मुनाफा हो सकता है।
तीन मछली मंडी बनेंगी
डॉ. सरवनन राज ने कहा कि अब हरियाणा में इस क्षेत्र में काम शुरु हुआ है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार में मछली मंडी बनाया जाना प्रस्तावित है। खारे पानी की जलकृषि योजना के तहत सिरसा जिले को चुना गया है। प्रदेश में किसी एक स्थान पर झींगा मछली प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की भी योजना है। जिला भिवानी के गांव गरवा में 24.5 एकड भूमि पर झींगा एवं मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए एकीकृत एक्वा पार्क उत्कृष्ठता केंद्र 98.90 करोड़ रूपये की लागत से स्थापित किया जाएगा। केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जिला सिरसा के गांव पोहरका में 25 एकड़ में खारे पानी की जलकृषि विकास परियोजना स्थापित होगी। प्रदेश में मत्स्य पालक किसानों की आमदनी बढाने के लिए 25 मत्स्य कोल्ड स्टोर बनाए जा चुके हैं और 18 बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।