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hospital was running in Balsamand of Hisar without valid degree, operator was taken into custody
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हिसार के बालसमंद में बिना वैध डिग्री के आधार पर चल रहा था अस्पताल, संचालक को हिरासत में लिया
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने शुक्रवार को बालसमंद में चल रहे जांगड़ा अस्पताल पर गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा। जांच में पाया गया कि संचालक बिना वैध मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा था और एलोपैथिक दवाओं का उपयोग कर रहा था। अस्पताल संचालक के खिलाफपु लिस ने सदर थाना हिसार में केस दर्ज कर संचालक को हिरासत में लिया है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री इन्चार्ज सुनैना के नेतृत्व में एक टीम ने जांगड़ा अस्पताल पर छापा मारा। टीम में एएसआई सुरेंद्र, मेडिकल ऑफिसर डॉ. नवीन बेनीवाल और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर अजय बिश्नोई शामिल थे। मौके पर अस्पताल के मालिक धर्मपाल ने दावा किया कि वह पिछले 25 वर्षों से यह अस्पताल चला रहा है और उसके पास इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ''आयुर्वेद रत्न'' की डिग्री है।
धर्मपाल ने बताया कि डॉ. कृष्ण कुमार मोहन (जीएएमएस) नियमित रूप से अस्पताल में विज़िटिंग डॉक्टर के तौर पर आते हैं। छापे के करीब एक घंटे बाद डॉ. मोहन को सूचना दी गई और वह दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। डॉ. मोहन ने स्वीकार किया कि वह 2013 से विज़िटिंग डॉक्टर हैं, लेकिन उन्होंने कोई वेतन नहीं लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा में पारंगत हैं और एलोपैथिक दवाओं का ज्ञान नहीं रखते। इसके बावजूद, धर्मपाल द्वारा मरीजों को एलोपैथिक दवाएं दी जा रही थीं, जो गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।
अस्पताल में मिले उपकरण और दस्तावेज
जांच के दौरान अस्पताल में चार बेड, एक ऑक्सीजन सिलेंडर, एक बीपी मशीन, और सुखदा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल व जांगड़ा अस्पताल के लेटरहेड्स बरामद किए गए। अस्पताल परिसर में ''अजय मेडिसिन सेंटर'' नामक दवा की दुकान भी संचालित हो रही थी, जहां से मरीजों के लिए दवाएं ली जा रही थीं।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि डॉ. मोहन 20 मई 2025 को अस्पताल में आए थे। धर्मपाल ने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन का करार, डॉ. मोहन का एफिडेविट, उनकी डिग्री की कॉपी, अपनी ''आयुर्वेद रत्न'' डिग्री, और मरीजों के बयान व आधार कार्ड की प्रतियां जैसे दस्तावेज सौंपे। जांच के दौरान टीम को धर्मपाल ने बताया कि डॉ. निधि मेहता हर वीरवार को अस्पताल में मरीज देखने आती हैं।
हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए जांच जारी है। टीम ने सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और मामले की लगातार 11 घण्टों तक गहन जांच की। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता इन्चार्ज सुनैना ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सक अधिनियम 2021 के आधार पर कार्रवाई की है। आरोपी संचालक को हिरासत में लिया गया है। उसके पास वैध डिग्री नहीं थी।
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