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झज्जर: पीएनबी के ग्रामीण स्वरोजगार केंद्र में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से अपराजिता कार्यक्रम आयोजित
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुमित बैनीवाल ने कहा कि हरियाणा में पंचायती राज दिवस का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि राज्य ने पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
हरियाणा देश का ऐसा राज्य है, जिसने पंचायतों में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिनिधि सरकारी योजनाओं और बजट को बेहतर ढंग से समझ सकें और लागू कर सकें।
वह अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से पीएनबी के ग्रामीण स्वरोजगार केंद्र में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। इसके अलावा गांव से लेकर संसद तक आज महिलाओं को अधिकार प्राप्त है। ग्राम पंचायत में सभी काम प्रस्ताव पारित करके होते हैं, उसके लिए ग्राम सभाएं आयोजित की जाती है, जिसमें महिलाएं भी बढ़-चढ़कर भाग लेती हैं। इन ग्राम सभाओं में गांव के विकास कार्यों को लेकर चर्चा की जाती है और सर्वसम्मति कराकर उन कार्यों को कराया जाता है।
पंचायत में तीन स्तर होते हैं, जिसमें ग्राम पंचायत, ब्लाक और जिला परिषद शामिल हैं, लेकिन तीनों ही स्तर पर काम गांवों के ही होते हैं। यदि ग्राम पंचायत के अधीन कोई काम नहीं हो सकता तो वह प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेज सकती है। बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के कोई काम नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश की ग्राम पंचायत की मुखिया आज महिलाएं हैं और वह बहुत अच्छे काम कर रही हैं। बाकी महिलाओं को भी आगे आना चाहिए और अपने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र का विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप सभी आगे चलकर किसी न किसी फील्ड का चुनाव करेंगी ताकि आपका भविष्य बन सके। इसलिए महिलाओं घर के साथ-साथ नौकरी, स्वरोजगार में आगे आना चाहिए। इससे वह खुद अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। बीडीपीओ सुमित ने महिलाओं व युवतियों से एचपीवी वैक्सीन के लिए भी आसपास जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन 14 साल की किशोरियों को लगाई जा रही है। इससे उनको सर्वाकल कैंसर से बचाव मिलता है। इसलिए अपने आसपास रह रही किशोरियों के अभिभावकों को इस बारे में जागरूक करें। इस अवसर पर संस्थान के आशीष कुमार मौजूद रहे।
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