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सीआरएसयू में प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष को एबीवीपी ने बनाया बंधक
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सीआरसयू में प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जसवीर सुरा को कमरे में लगभग दो घंटे तक बंधक बनाया। एबीवीपी के अध्यक्ष रोहन सैनी ने आरोप लगाया कि एक वर्ष पहले उन्होंने आरटीआई लगाई थी। इसका आज तक जवाब नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की इकाई प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष डॉ जसवीर सुरा से आरटीआई के जवाब की मांग को लेकर मिलने के लिए गई थी। इस दौरान विभाग अध्यक्ष डॉ. जसवीर सुरा ने आरटीआई का जवाब देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद विभागाध्यक्ष व छात्र संगठन के बीच विवाद बढ़ गया। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सभी कार्यकर्ताओं ने विभागाध्यक्ष के कमरे को बाहर से बंद कर दरवाजे के सामने बैठकर नारेबाजी की। लगभग दो घंटे तक विभागाध्यक्ष को कमरे के अंदर बंद रखा। एबीवीपी के अध्यक्ष रोहन सैनी ने कहा कि विभागाध्यक्ष पर एमबीए विभाग में पीएचडी दाखिले को लेकर जो गड़बड़ियां हुई थी। उसकी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 10 महीने से ऊपर कमेटी बनाई हुई है, लेकिन उसे कमेटी की जांच का अभी तक भी कोई निर्णय सामने नहीं आया । एमबीए विभाग में पीएचडी एडमिशन में चार सीट पर 11 विद्यार्थियों की दाखिले हुए थे। इसमें डॉक्टर जसवीर सुरा ने बीसी कोटे में भी गड़बड़ी का भी प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें सबसे बड़ा घोटाला परीक्षा विभाग में तैनात कर्मचारी एंट्रेंस में टॉप करने का है। इससे पहले भी एबीवीपी ने यूनिवर्सिटी में डॉ जसवीर सुरा के खिलाफ पोस्टर भी लगाए थे। इसके बावजूद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
विश्वविद्यालय के अध्यापकों ने कुलपति के माध्यम से आरटीआई का जवाब दिलवाने का आश्वासन देकर दरवाजा खुलवाया। इसके बाद कुलपति से मिलने गए तो वह कार्यक्रम में व्यस्त मिले। इसको लेकर विद्यार्थियों की कुलपति से बात नहीं हो पाई। इस मामले में प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने भी विभागाध्यक्ष को जवाब देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला।
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