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यमुनानगर: स्टोन क्रेशर विवाद ने पकड़ा तूल, दोनों पक्ष आमने-सामने; गिरफ्तारी की मांग तेज
Ankesh Kumar
Updated Mon, 23 Mar 2026 04:39 PM IST
यमुनानगर जिले के बेलगढ़ क्षेत्र में स्टोन क्रेशर प्लांट पर दो युवकों को बंधक बनाकर मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर पीड़ित पक्ष और भीम आर्मी के कार्यकर्ता आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर डीसी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर खनन कारोबारियों ने भी मोर्चा खोलते हुए मामले को नया मोड़ दे दिया है।
रविवार से शुरू हुई भूख हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, जबकि मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इससे पहले 16 मार्च से दलित समाज और भीम आर्मी के लोग लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे भरत बेनिवाल ने बताया कि एक मार्च को वह अपने साथी संजय के साथ बेलगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और संजय पर डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। आरोप है कि दोनों को करीब डेढ़ घंटे तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी किया गया। पीड़ित पक्ष ने मुख्य आरोपी के रूप में स्टोन क्रेशर संचालक अमित गुर्जर की पहचान की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
इधर, मामले में उस समय नया मोड़ आया जब खनन कारोबारी भी सैकड़ों की संख्या में लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कुछ तथाकथित पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए। अमित गुर्जर के भाई ने कहा कि फर्जी पत्रकार बनकर उनसे पैसे की मांग की जा रही थी और लंबे समय से उन्हें परेशान किया जा रहा था।
खनन कारोबारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आई हैं और निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही कथित फर्जी पत्रकारों की जांच डीआईपीआरओ के माध्यम से करवाई जाएगी।
वहीं भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकारों के समर्थन में सामाजिक संस्थाएं और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी भूख हड़ताल कर रहे पत्रकारों के समर्थन में पहुंचे और पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा की। मौके पर सुखविंद्र संधू, रवि चांदवाल, अधिवक्ता वेदप्रकाश, रिंकू इस्माइलपुर, सरपंच राकेश कुमार, अशोक कुमार कनालसी, संजीव वालिया सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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