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Yamuna River water level rises in Yamunanagar due to rainfall in the hills; 50,649 cusecs of water recorded at Hathnikund Barrage
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यमुनानगर में पहाड़ों में बारिश से बढ़ा यमुना नदी का जलस्तर, हथिनीकुंड बैराज पर 50,649 क्यूसेक पानी दर्ज
पहाड़ी क्षेत्रों और यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार बारिश का असर अब यमुना के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। कई दिनों से पानी की कमी झेल रही यमुना नदी का जलस्तर आज सुबह बढ़कर हथिनीकुंड बैराज पर 50,649 क्यूसेक दर्ज किया गया। बढ़े हुए जलस्तर के चलते सिंचाई विभाग ने बैराज से यमुना नदी में 38,379 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 12,010 क्यूसेक तथा उत्तर प्रदेश की पूर्वी यमुना नहर में 260 क्यूसेक पानी छोड़ा। हालांकि दोपहर करीब एक बजे जलस्तर में कुछ गिरावट दर्ज की गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश तेज होती है तो बैराज पर पानी की आवक और बढ़ सकती है। विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
डेढ़ लाख पर मिनी फ्लड घोषित होता है:
यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी से नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित परिस्थिति को देखते हुए सतर्क है। अधिकारियों के अनुसार हथिनीकुंड बैराज पर डेढ़ लाख क्यूसेक पानी पहुंचने पर मिनी फ्लड की स्थिति मानी जाती है, जबकि ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने पर बाढ़ की स्थिति घोषित की जाती है। ऐसे में यदि पहाड़ों में लगातार भारी वर्षा होती है तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
सर्दियों में न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था पानी:
जनवरी और फरवरी में यमुना का जलस्तर सामान्यतः तीन से चार हजार क्यूसेक के बीच रहता है। इस वर्ष जनवरी में हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ कम पिघलने के कारण हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर घटकर केवल 1,836 क्यूसेक रह गया था। मार्च में तापमान बढ़ने के साथ बर्फ पिघलने की रफ्तार तेज हुई और जलस्तर बढ़कर 4,574 क्यूसेक तक पहुंच गया। अप्रैल के दौरान भी जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
यमुनानगर में झमाझम बारिश, कई इलाकों में जलभराव
उधर, यमुनानगर जिले में शुक्रवार शाम सात बजे से शुरू हुई बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 24 घंटे में जिले में 74 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण शहर के कई नाले ओवरफ्लो हो गए और सड़कें पानी से लबालब भर गईं। ससौली रोड, रेलवे अंडरपास, लाजपत नगर, टैगोर गार्डन, आजाद नगर सहित कई निचले क्षेत्रों में करीब डेढ़ फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के चलते मौसम में भी बदलाव आया है। अधिकतम तापमान गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पारा करीब आठ डिग्री तक लुढ़क गया। मौसम विभाग ने शनिवार तक जिले में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
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