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VIDEO : हमीरपुर जिले के ताल में एक सप्ताह से मर रही मछलियां, ऑक्सीजन की कमी बनी वजह
हमीरपुर जिले के ताल गांव में आठ कनाल में फैले प्राकृतिक तालाब में पिछले एक सप्ताह से मछलियां मर रही हैं। यहा पर इस तालाब का नियंत्रण साहनवीं और ताल पंचायत के हवाले है। मछलियां मरने की सूचना मिलने के बाद मत्स्य विभाग हमीरपुर की टीम ने तालाब का निरीक्षण किया है। 22 जुलाई को यहां पर सबसे पहले मछलियां मरने की सूचना पंचायत को मिली थी। अब तक कुल 70 किलो के करीब मछलियां मर चुकी है। विभाग की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि मछलियां मरने का कारण तालाब में आक्सीजन की कमी है। यहां पर आठ कनाल में फैले इस तालाब में सात से आठ हजार मछलियों की क्षमता है लेकिन तीस हजार से अधिक मछलिया इस तालाब में हो गई है। हालांकि पानी के सैंपल भी जांच के लिए गए है ताकि मछलियों की मौत के सटीक कारण पता चल सके। मरी हुई मछलियों को स्थानीय पंचायत के माध्यम से निकाल कर जमीन में दबा दिया गया है। विभाग और पंचायत ने तीस किलोग्राम बुझा हुआ चूना भी तालाब में डाला है ताकि कार्बनडाइऑक्साइड के लेवल को कम किया जा सके। इसके अलावा तालाब के चारों ओर पोटाशियम परमैंगनेट का छिड़काव भी किया गया ताकि आस पास बदबू न फैले। स्थानीय पंचायत को तालाब में टूल्लू पंप लगाकर पानी को निकाल कर दोबारा इसमें डालने की हिदायत दी गई है ताकि इसमें ऑक्सीजन का लेवल कम न हो और पानी हवा के संपर्क में आए। स्थिर पानी में ऑक्सीजन की कमी रहती है। जिले में बरसात में बारिश अभी तक प्र्याप्त तरीके से नहीं हुई है। पिछले कुछ दिनों से बादल हो रहे हैं लेकिन बारिश नाममात्र हो रही है। ऐसे में इस मौसम में सुर्य की रोशनी भी प्र्याप्त तरीके से मछलियों को तालाब में नहीं मिल रही है। यदि बारिश होती है तो तालाब से पानी भी बाहर बह जाता है लेकिन बारिश की कमी से यह पानी भी स्थिर है। ऐसे में स्थानीय पंचायत की ओर से आग्रह किया जा रहा है कि ताल में इस मौसम में मछलियों को आटा न फेंके। खाने पीने की किसी भी वस्तु को ताल में न फेंका जाए। वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी हमीरपुर अजय कुलदीप का कहना है कि तालाब का बुधवार को निरीक्षण किया गया है। बुधवार को इक्का दुक्का मछलियां मरी पाई गई है। यहां पर एहतियात बरती जा रही है। स्थानीय पंचायत के माध्यम से मरी हुई मछलियों को नियमों के तहत जमीन में दबाया गया ताकि किसी तरह की कोई बीमारी न फैले। पानी के सेंपल लिए गए है ताकि मछलियों के मौत के कारण भी स्पष्ट हो। उन्होंने कहा कि प्रारंभकि जांच में तालाब में ऑक्सीजन की कमी प्रतीत हो रही है।
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