{"_id":"6a57564ff2f95300a609b028","slug":"video-mandi-pandoh-tunnel-construction-house-damage-compensation-demand-2026-07-15","type":"video","status":"publish","title_hn":"Mandi News: टनल निर्माण से मकानों को नुकसान का आरोप, चमन राही बोले- न्याय नहीं मिला तो एट्रोसिटी एक्ट के तहत जाएंगे कोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: टनल निर्माण से मकानों को नुकसान का आरोप, चमन राही बोले- न्याय नहीं मिला तो एट्रोसिटी एक्ट के तहत जाएंगे कोर्ट
Ankesh Dogra
Updated Wed, 15 Jul 2026 03:13 PM IST
Link Copied
पंडोह के समीप ग्राम पंचायत हटौन के गांव डबेड में फोरलेन परियोजना के तहत निर्मित फेस-1 टनल से प्रभावित परिवारों की समस्या को लेकर मामला फिर गरमा गया है। प्रभावित परिवार का आरोप है कि टनल निर्माण के बाद उनके दो से तीन मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और भवन असुरक्षित स्थिति में पहुंच गए हैं। परिवार ने कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचने का दावा किया है।
प्रभावित परिवार के सदस्य मेघ सिंह ने बताया कि मकानों में दरारें आने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन से शिकायत की थी। शिकायत पर प्रशासन की टीम ने मौके का निरीक्षण कर जांच की और रिपोर्ट में नुकसान का कारण टनल निर्माण को बताया गया। इसके बाद रिपोर्ट संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेजी गई।
मेघ सिंह के अनुसार, इस मामले को लेकर उन्होंने पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर से भी मुलाकात की थी। उन्होंने प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों से प्रभावित परिवार को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध करवाने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया था। हालांकि, परिवार का आरोप है कि अभी तक एनएचएआई की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद अखिल भारतीय दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता चमन राही बुधवार को गांव डबेड पहुंचे। उन्होंने प्रभावित मकानों और भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मौके पर मकानों में गंभीर दरारें दिखाई दे रही हैं और नुकसान स्पष्ट है।
चमन राही ने कहा कि जब प्रशासनिक जांच में नुकसान का कारण सामने आ चुका है तो प्रभावित परिवार को राहत और मुआवजा देने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और एनएचएआई की ओर से जल्द उचित मुआवजा और समाधान उपलब्ध नहीं कराया गया तो परिषद प्रभावित परिवार के समर्थन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत न्यायालय का रुख करेगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।