{"_id":"6a045adf54d870095e0ab001","slug":"video-bear-trapped-in-cage-set-up-in-panavari-sharan-villagers-from-two-panchayats-heave-a-sigh-of-relief-2026-05-13","type":"video","status":"publish","title_hn":"Video: पनावरी शरन में लगाए गए पिंजरे में फंसा भालू, दो पंचायतों के ग्रामीणों ने ली राहत की सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Video: पनावरी शरन में लगाए गए पिंजरे में फंसा भालू, दो पंचायतों के ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
आखिर दो माह के लंबे इंतजार के बाद बीती रात नीरथ पंचायत के पनावरी शरन गांव में लगाए गए पिंजरे में भालू फंस ही गया। बीते कई माह से क्षेत्र की बड़ाच और नीरथ पंचायत के ग्रामीण भालू के आतंक से खौफजदा थे। भालू ने ग्रामीणों की फसलों और पेड़ पौधों को खासा नुकसान पहुंचाया। भालू के पिंजरे में कैद होने के बाद अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उपमंडल रामपुर की बड़ाच और नीरथ पंचायत में बीते कई माह से ग्रामीण भालू के आतंक से सहमे हुए थे। दो माह पूर्व भालू ने डोई गांव में एक गाय पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से ग्रामीण डर के साए में जी रहे थे। भालू ने ग्रामीणों की प्लम, आड़ू और अन्य गुठलीदार फलों सहित सेब के पौधों को भी खासी क्षति पहुंचाई। इतना ही नहीं भालू ने ग्रामीणों के घरों में बनाए गए मधुमक्खी के छातों को भी नहीं छोड़ा। रिहायशी इलाकों में भालू की लगातार धमक से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। क्षेत्र के डोई, शांदल, नावण और बरकेली गांव में कई माह से चले आ रहे भालू के आतंक को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से राहत पहुंचाने की गुहार लगाई थी। ग्रामीणों की मांग के बाद वन विभाग ने पनावरी शरन और डोई गांव में एक-एक पिंजरा स्थापित किया था। लंबे समय से वन विभाग इन पिंजरों में भालू के फंसने का इंतजार कर रहा था। आखिर मंगलवार रात को पनावरी शरन में लगाए गए पिंजरे में भालू फंस गया। सुबह जब ग्रामीणों ने पिंजरे को देखा तो उसमें एक भालू फंसा हुआ था। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अब वन विभाग इस पिंजरे में फंसे भालू को अन्य स्थान पर ले जाएगी। क्षेत्र के आनंद कुमार, भारद्वाज, गोविंद सिंह, बाबू राम, यशपाल, प्रितम, राजेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि हजारों किसान बागवान लंबे अरसे से भालू की समस्या से जूझ रहे थे। भालू ने उनकी नकदी फसलों को नुकसान पहुंचाया और पालतू जानवरों पर भी हमले किए। उन्होंने पिंजरे में कैद हुए भालू को दूर दराज के क्षेत्र में छोड़ने की मांग उठाई है, ताकि उन्हें फिर से परेशानियां न झेलनी पड़े। वन विभाग ननखड़ी की नागाधार बीट के के वन रक्षक संदीप कुमार ने बताया कि पनावरी शरन में लगाए गए पिंजरे में देर रात भालू फंस गया है। अब भालू को यहां से स्थानांतरित किया जा रहा है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।