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Rampur Bushahr: जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के समर्थन में रामपुर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
Ankesh Dogra
Updated Mon, 20 Jul 2026 02:40 PM IST
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स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की रामपुर इकाई ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में सोमवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुर में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा घोटालों, पेपर लीक, शिक्षा के निजीकरण और शिक्षा व्यवस्था में कथित बढ़ती अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय परिसर में छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की गई।
एसएफआई इकाई सचिव राहुल विद्यार्थी और उपाध्यक्ष विक्रांत ठाकुर ने कहा कि देशभर में सामने आए परीक्षा घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप था कि वर्षों की मेहनत करने वाले छात्र भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा।
विक्रांत ठाकुर ने आरोप लगाया कि शिक्षा को अधिकार के बजाय व्यवसाय का माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार फीस वृद्धि, सरकारी शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा, निजीकरण और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एसएफआई इन नीतियों का विरोध करती है और छात्रों के संघर्ष के साथ खड़ी है।
राहुल विद्यार्थी ने मांग की कि राष्ट्रीय स्तर पर सामने आए परीक्षा घोटालों और पेपर लीक के मामलों की सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्तियों से जुड़े कथित मामलों की न्यायिक जांच कराने और विश्वविद्यालय में बढ़ाई गई फीस वापस लेने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समान अवसर सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। साथ ही छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक संगठनों से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आगे आने की अपील भी की।
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