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Sirmour: निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहा पीएम श्री प्राथमिक पाठशाला पांवटा साहिब, डेढ़ सौ नए विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
Ankesh Dogra
Updated Fri, 31 Jul 2026 04:17 PM IST
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हिमाचल प्रदेश में जहां कई सरकारी स्कूल घटती छात्र संख्या और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं सिरमौर जिले का पीएम श्री राजकीय प्राथमिक पाठशाला पांवटा साहिब सरकारी शिक्षा की नई तस्वीर पेश कर रहा है। आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समर्पित शिक्षकों की बदौलत यह स्कूल क्षेत्र के निजी विद्यालयों को कड़ी चुनौती दे रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नए शैक्षणिक सत्र में यहां करीब 152 नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
वर्तमान में स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 458 से अधिक पहुंच चुकी है। यहां प्री-प्राइमरी से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक बच्चों को स्मार्ट क्लासरूम, एलईडी, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर आधारित शिक्षा, खेल मैदान और ओपन जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यही कारण है कि मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार भी अब निजी स्कूलों के बजाय इस सरकारी विद्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विद्यालय में एक मुख्य अध्यापक (सीएचटी), 13 जेबीटी शिक्षक और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक स्पेशल एजुकेटर सेवाएं दे रहे हैं। स्कूल में अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग से शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अभिभावकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
अभिभावक अनिल कुमार, आशा और रीता का कहना है कि विद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों को जिस प्रकार का सहयोग और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, वह अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणादायक है। उनका कहना है कि निजी विद्यालयों में भी इस स्तर की समावेशी शिक्षा कम ही देखने को मिलती है। उन्होंने सरकार से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आने-जाने हेतु मिनी बस उपलब्ध कराने की मांग भी की।
विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में एलईडी और प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। बच्चों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, खेल मैदान और ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध है। स्कूल परिसर में जल्द ही सोलर पैनल लगाने की योजना है। साथ ही विज्ञान शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए नई प्रयोगशाला की सुविधा विकसित करने की भी तैयारी है।
अभिभावकों ने स्कूल में बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए पुस्तकालय, स्टाफ रूम और चार अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की मांग उठाई है ताकि विद्यार्थियों को और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
विद्यालय की मुख्य अध्यापक (सीएचटी) कविता शर्मा ने बताया कि स्कूल का पूरा स्टाफ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का सहयोग विद्यालय की सबसे बड़ी ताकत है और बच्चों के लिए आधुनिक एवं सकारात्मक शिक्षण वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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