{"_id":"6a02d5359c2315a62f01db7e","slug":"video-sirmour-displaced-persons-halt-construction-work-on-renuka-dam-tunnels-2026-05-12","type":"video","status":"publish","title_hn":"Sirmour: विस्थापितों ने रुकवाया रेणुका बांध की सुरंगों के निर्माण का कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour: विस्थापितों ने रुकवाया रेणुका बांध की सुरंगों के निर्माण का कार्य
Ankesh Dogra
Updated Tue, 12 May 2026 12:52 PM IST
रेणुकाजी बांध परियोजना के निर्माण को लेकर सोमवार को एक बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया। रेणुका बांध स्थापित संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सुरगों के निर्माण कार्यों को रुकवा दिया। वन विभाग ने चलांद चरागाह में निर्माण की स्वीकृति न होने को लेकर सुरंग के निर्माण पर रोक लगा दी। साथ ही उन्होंने स्वीकृति लेने के लिए बाँध प्रबंधन को आदेश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर विस्थापितों का आरोप है कि सुरंगों का निर्माण गैर कानूनी तरीके से किया जा रहा है। साथ ही विस्थापितों का पुनर्स्थापन किए बिना ही उनके घरों से के नीचे से सुरंग का निर्माण शुरू कर दिया है। इससे विस्थापितों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने विस्थापितों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सुरंग के निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी। डीएफओ रेणुका बीआर कंडेटा ने बताया कि इस मामले में कानूनी सलाह लिए जाने के तक निर्माण कार्य को गैर कानूनी करार देते हुए शुरू करवा दिया गया है। वहीं परियोजना के डीजीएम दिनेश शर्मा ने बताया कि नियमों में संशोधन के चलते इस मामले में सरकार से पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण पुरी प्रक्रिया को निभाने के उपरांत ही किया जाएगा। उल्लेखनीय हैं कि करीब एक महा पूर्व रेणुका बांध परियोजना के प्रथम चरण को लेकर सुरंगों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। ठीक एक माह में ही निर्माण कंपनी ने काफी हद तक कार्य को अंजाम देते हुए सुरंगो के निकासी (इनलेट) स्थल की ओर से कार्य शुरू कर दिया था लेकिन यह भूमि निजी होने के साथ-साथ चलांद चारागाह में शामिल होने के कारण इसकी एफसीए की स्वीकृति लेना अनिवार्य है। जिसके चलते विस्थापितों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रुकवाने के साथ ही वन विभाग को इस मामले की शिकायत दर्ज करावाते हुए एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी भी दी। उधर, रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के संयोजक विनोद ठाकुर, सचिव योगेश ठाकुर व सलाहकार पूर्ण चंद्र ने बताया कि जिस स्थान पर सुरंगो का निर्माण किया जा रहा है उससे ठीक ऊपर विमल, लेखराज, कृष्ण कुमार ,संजीव कुमार व राजेंद्र सिंह आदि विस्थापितों के घर व जमीनें हैं लेकिन उन विस्थापितों का अभी तक का पुनर्वास नहीं किया गया। जिससे उनकी रातों की नींदें हराम हो रही है और परियोजना निर्माण की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा जब तक बाँध प्रबंधन इन तमाम नियमों की स्वीकृति नहीं लेता तब तक इस कार्य को बंद रखा जाएगा। उधर, डीएफओ बीआर कंडेटा ने कानूनी प्रक्रियाओं के पुरा होने तक कार्य को बंद रखने की पुष्टि की है। इस मौके पर आरएफओ अनुज ठाकुर, बीओ टेकचंद शर्मा, रेणुका बांध के डीजीएम दिनेश शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप मेहरा, सहायक अभियंता विशाल वर्मा सहित प्रभावित विस्थापित मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।