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Una: A special cleanliness drive was conducted to clean the natural water source near the Shri Ram Mandir in Andaura
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Una: श्रीराम मंदिर अंदौरा के समीप प्राकृतिक जल स्रोत की सफाई को लेकर चला विशेष स्वच्छता अभियान
Ankesh Dogra
Updated Fri, 05 Jun 2026 03:39 PM IST
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उपमंडल अंब के अंतर्गत श्रीराम मंदिर अंदौरा के समीप स्थित प्राचीन प्राकृतिक जल स्रोत (बाबड़ी) की सफाई एवं संरक्षण के लिए शुक्रवार को एक विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के साथ-साथ लोगों में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक धरोहरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अभियान का नेतृत्व सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. रमन शर्मा ने किया। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों, समाजसेवियों और युवाओं ने श्रमदान कर बाबड़ी की साफ-सफाई की तथा उसके आसपास फैली गंदगी और झाड़ियों को हटाया। अभियान के दौरान जल स्रोत की स्वच्छता बनाए रखने और इसके संरक्षण के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अधिवक्ता राजेश जसवाल, समाजसेवी बलबीर धीमान, अंब नगर के पर्यावरण प्रमुख पवन कुमार, मनोज कौशिक, आर्यन, आदित्य, रजत, केतन, करण सहित कई स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने श्रमदान के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्राकृतिक जल स्रोत केवल जल आपूर्ति का माध्यम ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। बढ़ते प्रदूषण और उपेक्षा के कारण कई पारंपरिक जल स्रोत अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बनता है कि वह इनके संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। अभियान के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही आम जनमानस से अपील की गई कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों, तालाबों, बावड़ियों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सहयोग करें तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनसहभागिता आधारित अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। अभियान के समापन पर भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया गया ताकि क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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