दिल्ली इन दिनों बाढ़ की चपेट में है इलाके डूबे है और लोग घरों से बाहर मजबूर हो रहे है राजधानी दिल्ली के कुछ इलाके इन दिनों बाढ़ ग्रस्त हैं। भारी बारिश और हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। आस-पास की बस्तियां पानी में डूबी नज़र आ रही हैं। यहां रह रहे लोग रैन बसेरा या अन्य इलाकों में शिफ़्ट हो गए हैं। यमुना के बढ़ते जलस्तर ने यमुना बाजार, गीता कॉलोनी, मजनू का टीला, कश्मीरी गेट, मयूर विहार जैसे इलाकों को बुरी तरह प्रभावित है। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने बयान दिया है रेखा सरकार में जल संसाधन और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा शुक्रवार को मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रिंग रोड से 8–10 फीट नीचे स्थित सर्विस रोड पर पानी जमा है, लेकिन यह पानी यमुना से नहीं, बल्कि गुरुवार की बारिश से आया है, जिसे पंपों की मदद से निकाला जा रहा है। इस दौरान उन्होंने दोहराया कि सिविल लाइंस के अधिकांश हिस्सों में कोई जलभराव नहीं है और सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही तस्वीरें भ्रामक हैं।
इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और कहा कि सरकार सतर्क है तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्रीकार्यालय के एक बयान के अनुसार, गुप्ता ने कहा कि यमुना का पानी ‘‘लगातार घट रहा है’’ और स्थिति जल्द ही सामान्य होने की संभावना है। जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी, सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह से तत्पर है।’’
शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया। जहां उन्होंने लोगों की समस्याएं जानी। केजरीवाल ने कहा "हम राहत शिविर में लोगों का हालचाल जानने आए हैं। उन्हें समय पर खाना नहीं मिल रहा है। मच्छरों का प्रकोप है, लेकिन उनसे निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। पीने के पानी की भी समस्या है। हमें बताया गया कि टेंट कल ही लगाए गए। हम समझ सकते हैं कि यह एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन लोगों के लिए सभी व्यवस्थाएं करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।"