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GST Council Meeting: GST Council approved a big change, understand it in easy language | Nirmala Sitharaman
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GST Council Meeting: GST काउंसिल ने बड़े बदलाव को दी मंजूरी, आसान भाषा में समझिए | Nirmala Sitharaman
Video Published by: ज्योति चौरसिया Updated Fri, 05 Sep 2025 12:10 PM IST
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद ने वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था यानी जीएसटी में ऐतिहासिक बदलाव को मंजूरी दे दी है। जीएसटी की मौजूदा चार स्लैब पांच, 12, 18 और 28 फीसदी को केवल दो स्लैब पांच और 18 फीसदी में बदल दिया गया है। इसके साथ ही परिषद ने विलासिता से जुड़े सामानों पर 40 फीसदी का स्लैब रखा है। जीएसटी में हुए ये बदलाव 22 सितंबर यानी नवरात्रि के पहले दिन से प्रभावी होंगे।
अर्थशास्त्री शरद कोहली ने कहा, जीएसटी परिषद ने अपनी बैठक में स्लैब में बदलाव का निष्कर्ष निकाला, जिसकी काफी उम्मीद की जा रही थी। अब केवल दो स्लैब होंगे पांच फीसदी और 18 फीसदी, पहले का 28 फीसदी खत्म हो जाएगा, जो सेस था वो भी खत्म हो जाएगा और 12 फीसदी स्लैब भी खत्म हो जाएगा। जहां तक उपभोक्ताओं का सवाल है तो ज्यादातर वस्तुएं सस्ती होने जा रही हैं। मुझे लगता है कि 40 फीसदी का नया स्लैब है, जो हानिकारक सामानों और सुपर लक्जरी वस्तुओं पर लगाया गया है। मैं देख रहा हूं कि अनुपालन पर भी कुछ घोषणाएं की जा रही हैं। रिफंड आसान होने जा रहा है। पंजीकरण आसान हो रहे हैं। विपरित शुल्क संरचनाओं को आसान बनाया गया है। तो कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी जरूरत वाले बूस्टर की जरूरत है।
वीओ: इन सुधारों से घरों के बजट पर पड़ने वाले बोझ से राहत मिलेगी। रोटी, पराठा, पनीर, खाखरा और दूध अब टैक्स से मुक्त होंगे।
मक्खन, घी, सूखे मेवे, बिस्कुट, कॉर्नफ्लेक्स और जूस पर पांच फीसदी टैक्स लगेगा। इसके अलावा साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट जैसे टॉयलेटरीज़ की कीमतें 18 फीसदी से घटकर पांच फीसदी के दायरे में लाई गई है। यहां तक कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा के प्रीमियम पर भी अब शून्य जीएसटी लगेगा। पहले इन पर 18 फीसदी टैक्स लगा करता था।
अर्थशास्त्री अभिजीत मुखोपाध्याय ने कहा- व्यावहारिक तौर से कहें तो, आप जानते हैं, ये सुधार दो स्लैब वाली संरचना है, आप जानते हैं, 40 फीसदी टैक्स मुख्य रूप से हानिकारक वस्तुओं के लिए है, आप जानते हैं फिर और बहुत कम लक्जरी सामान मसलन सिगरेट और सभी प्रकार के तंबाकू उत्पाद इसमें शामिल हैं। और फिर आप जानते हैं, इनमें से कुछ 350 सीसी से अधिक की मोटरसाइकिलें और दूसरी ऐसी चीजें हैं। तो मैं इसे इस तरह देखता हूं, आप जानते हैं, अब हमारे पास मूल रूप से व्यावहारिक रूप से, दो स्लैब हैं, आप जानते हैं, एक 5 फीसदी है और दूसरा है 18 फीसदी और हाँ, शून्य फीसदी भी है, उससे भी मदद मिलेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। उदाहरण के लिए आप जानते हैं, कि पनीर और सभी तरह की भारतीय ब्रेड और इतना ही नहीं कुछ मात्रा में जीवनरक्षक दवाएं भी हैं, आप जानते हैं, मुझे लगता है कि 30 से अधिक जीवनरक्षक दवाएं हैं, जिन्हें शून्य फीसदी की दर में रखा गया है।
सीमेंट पर अब 28 से घटाकर 18 फीसदी टैक्स लगेगा। 350 सीसी तक की छोटी कारों और मोटरसाइकिलों पर भी 18 फीसदी टैक्स लगेगा। टीवी, एसी और डिशवॉशर पर भी 18 फीसदी टैक्स लगेगा। हालांकि, लक्जरी कारें, हाई-एंड बाइक, विमान, नौका, सॉफ्ट ड्रिंक और ऑनलाइन गेमिंग नए 40 फीसदी के स्लैब में आएंगे। ईवी पर पांच फीसदी की छूट बनी हुई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- ये सुधार आम आदमी को ध्यान में रखकर किए गए हैं। आम आदमी के रोजाना इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर लगने वाले हर टैक्स की कड़ी पड़ताल की गई है और ज्यादातर मामलों में दरों में भारी गिरावट लाई गई है। इससे श्रम प्रधान उद्योगों को अच्छा समर्थन मिलेगा।आज हमने जो निर्णय लिए हैं, उससे किसानों और खेती को भी फायदा होगा। स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में भी फायदा होगा. इसलिए अर्थव्यवस्था के प्रमुख घटकों को प्रमुखता दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन सुधारों से आम आदमी, एमएसएमई, किसानों, महिलाओं और युवाओं को फायदा होगा, साथ ही छोटे व्यापारियों के लिए व्यापार करने में आसानी होगी।
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